कटिहार (बिहार), 12 फरवरी (आईएएनएस)। बिहार के कटिहार से दिल्ली जा रहे भारतीय सेना के कैप्टन शिखरदीप के महानंदा एक्सप्रेस से रहस्यमय तरीके से लापता हुए शुक्रवार को छह दिन हो गया, लेकिन अभी तक उनके बारे में कोई सुराग नहीं मिल सका है। कैप्टन के परिजन किसी अनहोनी की आशंका जता रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, जम्मू में तैनात कैप्टन शिखरदीप (25) एक महीने की छुट्टी पर घर आए थे। छुट्टी बीतने के बाद छह फरवरी को वह महानंदा एक्सप्रेस से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। इसी यात्रा के दौरान शिखरदीप लापता हो गए।
परिजनों का कहना है कि छह फरवरी की रात तक कैप्टन से मोबाइल पर बात हुई थी। कैप्टन के बहनोई और कटिहार निवासी जिम्मी प्रकाश के बयान के आधार पर बरौनी रेल थाने में शिखरदीप के लापता होने तथा अपहरण की आशंका की एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
कटिहार के पुलिस अधीक्षक (रेल) जितेन्द्र मिश्रा ने शुक्रवार को बताया कि “कैप्टन के लिए आरक्षित बर्थ (एसी टू 14) के आसपास के यात्रियों से भी रेल पुलिस ने पूछताछ की है। कैप्टन शिखरदीप के मोबाइल फोन के काल डिटेल्स खंगाले जा रहे हैं। कई रेलवे स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं।”
उन्होंने दावा किया कि कैप्टन के साथ रेलगाड़ी में किसी तरह की घटना नहीं घटी है।
उल्लेखनीय है कि सात फरवरी को जब रेलगाड़ी दिल्ली पहुंची थी, तब कैप्टन का सामान था परंतु कैप्टन अपनी सीट पर नहीं थे।
शिखरदीप के पिता अनंत कुमार सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर पड़ोसी राज्य झारखंड के रांची में पदस्थ हैं। अनंत ने गुरुवार को कटिहार के रेल एसपी से मुलाकात की और अपने पुत्र का जल्द पता लगाने की गुहार लगााई थी।
कैप्टन की मां किरण देवी और उनके परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल है।
शिखरदीप मूल रूप से पूर्णिया जिले के महेन्द्रपुर गांव के निवासी हैं और फिलहाल उनका परिवार कटिहार में रह रहा है।
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