उप्र : बुंदेलखड में सूखे को लेकर विधानसभा में हंगामा

विपक्षी दल बुंदेलखंड को अकालग्रस्त क्षेत्र घोषित किए जाने की मांग को लेकर वेल में जाकर हंगामा करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने विपक्ष को कई बार समझाया और अपने स्थानों पर जाने की बात कही। बावजूद इसके कांग्रेस विधायक विपक्ष वेल में जमे रहे और हंगामा करते रहे।

अध्यक्ष ने सदन को अव्यवस्थित देख पहले 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया। इसके बाद सदन का स्थगन काल 10 मिनट के लिए और बढ़ा दिया गया।

विधानसभा की कार्यवाही जैसे ही सुबह 11 बजे शुरू हुई, मुख्य विपक्षी दल बसपा, कांग्रेस और रालोद के सदस्य वेल में आ गए और बुंदेलखंड की समस्या पर चर्चा कराये जाने की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। नेता विराधी दल स्वामी प्रसाद मौर्य और कांग्रेस नेता प्रदीप माथुर ने कहा कि बुंदेलखंड में जबरदस्त सूखा है। लोग पलायन कर रहे हैं अैर भूखों मर रहे हैं।

विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष को समझाया और कहा कि बुंदेलखंड की समस्या पर नियम-56 के तहत चर्चा स्वीकार कर ली गई है। समय आने पर चर्चा होगी। अध्यक्ष के समझाने पर बसपा सदस्य तो अपने-अपने स्थानों पर चले गए, लेकिन कांग्रेस सदस्य वेल में जमे रहे।

माथुर ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही रोकर बुंदेलखंड की समस्या पर चर्चा होनी चाहिए। अध्यक्ष ने कहा कि जब आपकी केंद्र में सरकार थी, तब आपके बड़े-बड़े नेताओं ने बुंदेलखंड का दौरा किया, लेकिन वहां की समस्या अभी तक बरकरार है और अब आप इस समस्या पर विधानसभा की कार्यवाही बाधित करना चाहते हैं।

विपक्ष के इस हंगामे के बीच संसदीय कार्यमंत्री मो. आजम खां ने चुटकी लेते हुए कहा, “नारे लगाओ, शांत मत रहो। अपने जिंदा होने का सबूत दो।”

विधानसभा अध्यक्ष ने कई बार समझाया और कहा, “आज बजट है। सवालों का समय है। विपक्ष के सवालों के जवाब आने दीजिए और अपने स्थानों पर जाइए।” बावजूद इसके कांग्रेस सदस्य वेल में जमे रहे।

सदन को अव्यवस्थित देख अध्यक्ष ने पहले 10 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। इसके बाद पीठ से सदन की कार्यवाही का स्थगनकाल 10 मिनट के लिए बढ़ा दिया गया। अध्यक्ष के निर्देश पर सदन की कार्यवाही तीसरी बार 12:15 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

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