नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली के पुलिस आयुक्त के पद से जल्द ही सेवानिवृत्त होनेवाले बी. एस. बस्सी ने गुरुवार को फिर कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को पटियाला हाउस कोर्ट में बुधवार को नहीं पीटा गया था।
हमले से जुड़े चित्र, जिसमें एक वकील कन्हैया कुमार का बाल पकड़ कर खींचते दिखाई दे रहा है, के सामने आने के बावजूद बस्सी ने इस बात पर जोर दिया कि जेएनयूएसयूअध्यक्ष पर हमला नहीं किया गया था।
बस्सी ने सीएनएन-आईबीएन को बताया, “मैं कन्हैया कुमार पर किसी हमले की बात को खारिज करता हूं। हमारे अधिकारियों ने इससे इनकार किया है। मेडिकल परीक्षण कराया गया है।”
बस्सी 29 फरवरी को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि कन्हैया कुमार राष्ट्रद्रोह के मामले में दोषी है और पुलिस के पास इसके पर्याप्त सबूत है।
कन्हैया कुमार भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) से संबंधित ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन (एआईएसएफ) से जुड़े हैं। उन पर 9 फरवरी को परिसर में हुए कार्यक्रम में राष्ट्रविरोधी नारे लगाने का आरोप है। उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया है।
यह पूछे जाने पर अगर भारत विरोधी नारे लगाना देशद्रोह है तो कश्मीर की आधी आबादी पर राष्ट्रदोह का मामला लगा देना चाहिए, बस्सी का कहना था, “मुझे दिल्ली की परवाह है।”
उन्होंने कहा कि पाटियाला हाउस कोर्ट में पत्रकारों पर हमला करने वाले वकीलों को पुलिस ने समन भेजा है जिसका उन्होंने कोई जबाव नहीं दिया है।
बस्सी ने कहा, “अगर वे हमारे साथ सहयोग करते हैं, तो हम देखेंगे कि कानून के तहत क्या कार्रवाई की जाए। अगर वे सहयोग नहीं करते हैं तो हम दूसरे विकल्पों पर विचार करेंगे। संभवत: हम अदालत से गिरफ्तारी का वारंट जारी करवाएंगे।”
यह पूछे जाने पर कि भाजपा विधायक ओ.पी. शर्मा और वकीलों की मीडिया में आई तस्वीरों को देख कर भी कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है, जबकि कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी भी मीडिया की तस्वीरों के आधार पर ही हुई है, बस्सी ने दोहरा मानदंड अपनाने से इनकार किया।
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