लखनऊ, 24 फरवरी (आईएएनएस/आईपीएन)। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) प्रकरण में देशद्रोह के आरोपी बनाए गए जेएनयू छात्र उमर खालिद को अपना बेटा बताने लविवि के समाजशास्त्र विभाग के प्रोफेसर के खिलाफ बुधवार को एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने एलयू के समाजशास्त्र विभाग के सामने नारेबाजी की।
लखनऊ, 24 फरवरी (आईएएनएस/आईपीएन)। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) प्रकरण में देशद्रोह के आरोपी बनाए गए जेएनयू छात्र उमर खालिद को अपना बेटा बताने लविवि के समाजशास्त्र विभाग के प्रोफेसर के खिलाफ बुधवार को एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने एलयू के समाजशास्त्र विभाग के सामने नारेबाजी की।
एलयू के प्रो. प्रोफेसर राजेश मिश्रा फेसबुक पर उमर खालिद को अपना बेटा बताने वाला कमेंट किया था। प्रो. मिश्रा ने एफबी पर कमेंट किया था कि वह उमर से नहीं मिले, वह उसे जानते भी नहीं हैं, लेकिन वह दावा करते हैं कि वह उनका बेटा है, क्योंकि उमर अपने आप में एक व्यक्ति है जो सीमाओं में नहीं बंधा है। वह कायर नहीं है। वह काफी साहसी है और वह देश में कट्टरता व धर्माधता से खफा है। उनके इस कमेंट के विरोध में आई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ता छात्रनेता अनुराग तिवारी के नेतृत्व में समाजशास्त्र विभाग पहुंचे और उनके विरोध में नारेबाजी की।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिस उमर खालिद को राष्ट्रद्रोह का आरोपी बनाया गया है और उसने आत्मसमर्पण कर दिया है। ऐसे शख्स को अपना बेटा बताकर प्रो. राजेश मिश्रा ने देश को तोड़ने वाली ताकतों को मजबूत करने का काम किया है। ऐसे में वह राष्ट्र से माफी मांगें और उनके खिलाफ भी सरकार कानूनी कार्रवाई करे।
कार्यकर्ताओं का कहना है सोशल मीडिया में ऐसा कह कर प्रोफेसर ने दंगा भड़काने की कोशिश की है। वहीं प्रो मिश्रा का कहना है कि उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर व प्रख्यात लेखक प्रो. अपूर्वानंद के उस लेख को अक्षरश: फेसबुक पर शेयर किया है जो उन्होंने उमर खालिद के बारे में लिखा है। उन्होंने कहा कि हमारा सिर्फ इतना कहना है कि दूसरा पक्ष जो कि उमर खालिद का है उसे भी ढंग से सुना जाए और उसके बाद कोई ठोस निर्णय हो।
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