शासन स्तर पर मंथन चल रहा अधिकतम 40 वर्ष की आयु तक के सुरक्षाकर्मी ही इस फोर्स में रह सकेंगे। उसके बाद उन्हें इस फोर्स से मुक्त कर दिया जाएगा। स्पेशल टाइगर फोर्स से सेवानिवृत्ति के बाद सुरक्षाकर्मियों की तैनाती कहां और किस प्रकार से की जाए, इस बात पर शासन स्तर पर मंथन चल रहा है।
साथ ही इस बात पर भी विचार किया जा रहा है कि फोर्स में भर्ती होने वाले युवकों को बाघों की सुरक्षा से लेकर उसकी हर हरकत को पलभर में समझ लेने की क्षमता विकसित करने के लिए उन्हें कहां और कैसे ट्रेनिंग दी जाए। ट्रेनिंग के बाद फोर्स की तैनाती टाइगर रिजर्व में की जाएगी।
जानकार बताते हैं कि केंद्र निर्देश पर हर उस राज्य में स्पेशल टाइगर फोर्स बनाया जाना है, जहां टाइगर रिजर्व है और उसमें बाघ मौजूद हैं। जानकारों का कहना है कि दक्षिण के कुछ राज्यों में फोर्स के गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
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