आईजोल, 26 फरवरी (आईएएनएस)। पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 का क्रियान्वयन एक मार्च से होगा।
मिजोरम के खाद्य मंत्री जॉन रोत्लुअंगलियाना ने कहा, “खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत एक मार्च से प्राथमिक समूह के लोगों को जनवितरण प्रणाली के जरिये सब्सिडी वाले चावल उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।”
केंद्र का यह कानून 75 फीसदी ग्रामीण आबादी व 50 फीसदी शहरी आबादी को लक्षित जन वितरण प्रणाली के तहत सब्सिडी वाला अनाज मुहैया कराता है और यह दो-तिहाई आबादी को कवर करता है।
रोत्लुअंगलियाना ने कहा कि कुल 11 लाख की आबादी में 706,296 लोगों को चावल सब्सिडी दर पर मुहैया कराया जाएगा, जबकि बाकी परिवार प्रति महीने आठ किलोग्राम चावल 15 रुपये की दर से पा सकते हैं।
मंत्री ने कहा, “अधिनियम के प्रावधानों के मुताबिक, मिजोरम में ग्रामीण क्षेत्रों में रहनेवाले अधिकांश लोगों व शहरी लगभग 50 फीसदी आबादी को इससे लाभ होगा।”
उन्होंने कहा कि अधिनियम के तहत लाभार्थियों की जरूरत को पूरा करने के लिए हर महीने कम से कम 9,814 टन चावल की जरूरत होता है।
पूर्वोत्तर राज्यों में त्रिपुरा पहला राज्य है, जिसने बीते साल सितंबर में ही इस अधिनियम को लागू कर दिया था। असम, अरुणाचल प्रदेश व सिक्किम ने अधिनियम का क्रियान्वयन बीते साल दिसंबर में किया। मेघालय ने इसे इस महीने लागू किया।
पूर्वोत्तर के दो अन्य राज्यों मणिपुर व नागालैंड ने इसे लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है।
इस अधिनियम को लागू करने की अंतिम तिथि कई बार बढ़ाई गई है। अब केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों से इसे अप्रैल तक लागू करने के लिए कहा है।
इस अधिनियम को लागू करने के लिए लक्षित सभी जन वितरण प्रणालियों को कंप्यूटराइज्ड किया जाना है और राशन कार्ड रिकॉर्ड को डिजिटाइज्ड किया जाना है।
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