नई दिल्ली, 26 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया स्वच्छ भारत अभियान देश में ‘खुले में शौच’ की समस्या के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, पर अगली चुनौती लोगों के व्यवहार में बदलाव लाना है।
यह बात शुक्रवार को संसद के पटल पर रखे गए आर्थिक सर्वेक्षण में कही गई है। इसमें कहा गया है कि पिछले साल सरकार ने 80 लाख शौचालयों का निर्माण कराया।
सर्वेक्षण में इसका भी जिक्र है कि खुले में शौच के कारण कई तरह की बीमारियां होती है।
इसके मुताबिक, “आय की कमी ‘खुले में शौच’ का मुख्य कारण नहीं हो सकता। साक्ष्यों से पता चलता है कि ‘खुले में शौच’ से कई बीमारियां हो सकती हैं।”
सर्वेक्षण में आगे कहा गया है पिछले साल सरकार ने 80 लाख शौचालयों का निर्माण कराया। हालांकि, ग्रामीण भारत में अगली चुनौती लोगों के व्यवहार में बदलाव लाना है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और यूनिसेफ के संयुक्त निगरानी कार्यक्रम के अनुसार, 2015 में ग्रामीण भारत का 61 प्रतिशत हिस्सा ‘खुले में शौच’ करता था।
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