नई दिल्ली, 26 फरवरी (आईएएनएस)। आर्थिक सर्वेक्षण 2015-16 में कहा गया है कि अग्रिम आकलनों से जाहिर होता है कि देश के औद्योगिक क्षेत्र की वृद्धि दर के 7.3 प्रतिशत रह सकती है, जबकि विनिर्माण क्षेत्र के 9.5 प्रतिशत की दर से बढ़ने के आसार हैं।
केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा शुक्रवार को संसद में पेश आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि विनिर्माण क्षेत्र के प्रदर्शन से प्रोत्साहित भारत के औद्योगिक क्षेत्र ने 2015-16 के दौरान उच्चतर वृद्धि दर दर्ज की है।
सर्वेक्षण के अनुसार, वर्ष 2015-16 एक उतार-चढ़ाव भरे वैश्विक आर्थिक माहौल से गुजर रहा है और बड़े देशों में आर्थिक विकास में सुस्ती दिखाई दे रही है। समीक्षा में आगे कहा गया है कि इस पृष्ठभूमि में यह बेहद महत्वपूर्ण है कि भारतीय अर्थव्यवस्था सात प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर के साथ सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था के रूप में उभरी है। इस उच्च वृद्धि दर को बनाए रखने में विनिर्माण क्षेत्र का बड़ा योगदान रहा है।
आईआईपी के अनुसार, मुख्य रूप से खनन, विनिर्माण एवं बिजली क्षेत्रों से निर्मित औद्योगिक क्षेत्र में खनन एवं विनिर्माण क्षेत्र में उच्चतर वृद्धि के कारण अप्रैल-दिसंबर 2015-16 के दौरान 3.1 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई, जबकि 2014-15 की इसी अवधि के दौरान यह 2.6 प्रतिशत थी।
सर्वेक्षण के अनुसार, अप्रैल-दिसंबर 2015-16 के दौरान खनन, विनिर्माण एवं बिजली क्षेत्रों में क्रमश: 2.3 प्रतिशत, 3.1 प्रतिशत एवं 4.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
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