नई दिल्ली, 26 फरवरी (आईएएनएस)। आर्थिक सर्वेक्षण 2015-16 में कहा गया है कि मनरेगा के तहत 57 प्रतिशत महिलाओं को रोजगार दिया गया है। चालू वित्त वर्ष के तहत 3.63 करोड़ परिवारों को 134.96 करोड़ व्यक्ति दिवस रोजगार उपलब्ध कराया गया। इसमें 76.81 व्यक्ति दिवस यानी 57 प्रतिशत रोजगार महिलाओं को उपलब्ध हुआ।
सर्वेक्षण में महिलाओं की श्रम शक्ति में कम भागीदारी पर चिंता व्यक्त की गई है। देश में बैंकों में खाता खुलवाने की दशा में भी इनका वित्तीय समावेश का स्तर अभी भी कम है। आर्थिक सर्वे में वित्तीय संस्थानों में उच्च पदों पर महिलाओं की उपस्थिति को उल्लेखनीय बताया गया है।
श्रम ब्यूरो द्वारा जनवरी 2014 से जुलाई 2014 में किए गए चौथे रोजगार बेरोजगारी सर्वे के अनुसार, सभी लोगों के लिए श्रमशक्ति भागीदारी दर 52.5 प्रतिशत थी। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह 54.7 प्रतिशत थी, जो 47.2 की तुलना में काफी अधिक थी।
सर्वेक्षण के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 4.7 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि शहरी इलाकों में यह दर 5.5 प्रतिशत दर्ज की गई। श्रम ब्यूरो सर्वे के अनुसार, कुल बेरोजगारी दर 4.9 प्रतिशत रही। ये आंकड़े राष्ट्रीय नमूना सर्वे कार्यालय (एनएसएओ) 2012-11 के आंकड़ों की अखिल भारतीय बेरोजगारी दर (2.3 प्रतिशत ग्रामीण और 3.8 प्रतिशत शहरी क्षेत्रों और अखिल भारतीय 2.7 प्रतिशत) की तुलना में काफी ऊंचे हैं।
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