नई दिल्ली, 29 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को लोकसभा में वित्त वर्ष 2016-17 का बजट पेश किया और सुधार के प्रमुख उपायों का उल्लेख किया, जो निम्नलिखित है :
1. सरकार अपने विकास एजेंडे से समझौता किए बगैर वित्तीय समेकन के प्रति दृढ़ है। वित्त वर्ष 2017 के लिए 3.5 प्रतिशत वित्तीय घाटे का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
2. कृषि, किसानों के कल्याण और सिंचाई के लिए आवंटन 47,912 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष के आवंटन से दोगुना अधिक है।
3. नई स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत प्रति परिवार को एक लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, वरिष्ठ नागरिकों के लिए 30,000 रुपये का अतिरिक्त टॉप अप पैकेज प्रदान किया जाएगा।
4. वर्ष 2016-17 में एक करोड़ 50 लाख बीपीएल परिवारों की महिला सदस्यों के नाम से रसोई गैस कनैक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे और कुल पांच करोड़ घरों को इसके दायरे में लाने के लिए यह योजना और दो वर्ष तक जारी रहेगी।
5. बुनियादी ढांचे पर सार्वजनिक खर्च में 2.21 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई और यह वृद्धि पिछले वर्ष की तुलना में 22.5 प्रतिशत अधिक है।
6. उच्च शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए 1,000 करोड़ रुपये की आरंभिक पूंजी के साथ उच्च शिक्षा वित्त पोषण प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। इसके अलावा, विश्वस्तरीय शिक्षण और अनुसंधान संस्थानों के तौर पर उभरने के लिए 10 सार्वजनिक एवं 10 निजी संस्थाओं को समर्थ बनाया जाएगा।
7. कर-अनुकूल शासन को बढ़ावा देना और कम अथवा शून्य जुर्माने सहित नई विवाद निपटारा योजना के माध्यम से मुकदमेबाजी से होने वाली कठिनाइयों में कमी लाना। इससे वर्तमान समय में जारी कर संबंधी मुकदमों को सुगमता से सुलझाया जा सकेगा।
8. पांच लाख रुपये तक की आय वाले व्यक्तियों पर कर का बोझ कम करने की दृष्टि से धारा 87 ‘क’ के अंतर्गत कर छूट की अधिकतम सीमा 5,000 रुपये तक बढ़ाकर और धारा 80 ‘छ’ के तहत मकान किराए के भुगतान के संबंध में कटौती की सीमा 60,000 रुपये प्रतिवर्ष करके मध्यमवर्गीय करदाताओं को राहत प्रदान की गई है।
9. नया कानून लागू करते हुए आधार का उपयोग कर समाजिक सुरक्षा मंच का निर्माण करते हुए पात्र व्यक्तियों को प्रत्यक्ष रूप से वित्तीय और अन्य सब्सिडी लाभ प्रदान करना।
10. सरकार सभी नए कर्मचारियों के लिए रोजगार के शुरुआती तीन वर्ष में 8.33 प्रतिशत कर्मचारी भविष्य निधि का अंशदान करेगी। बजट में 1000 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई।
11. सरल और बाजार अनुकूल उपाय जैसे कॉरपोरेट करों के अंतर्गत मिलने वाली कर छूट को चरणबद्ध रूप से समाप्त करने की योजनाएं व छोटे उपकरों की समाप्ति।
12. अनुमान पर आधारित कराधान योजना के अंतर्गत टर्नओवर सीमा को दो करोड़ रुपये तक बढ़ाते हुए उद्यमिता को प्रोत्साहन देना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 1.8 लाख करोड़ रुपये के ऋण वितरित करने का लक्ष्य और स्टार्टअप्स के लिए पांच में से तीन वर्षो के लिए 100 प्रतिशत कटौती उपलब्ध कराना।
13. शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाते हुए सर्व शिक्षा अभियान के तहत बड़ा आवंटन किया जाएगा।
14. अनुपालन विंडो में 45 प्रतिशत कर भुगतान कर अघोषित आय घोषित करने की योजना के माध्यम से काला धन कम करना।
15. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 25,000 करोड़ रुपये की राशि के पुनर्पूजीकरण का आवंटन करते हुए वित्तीय क्षेत्र को मजबूती प्रदान करना, सरकार के स्वामित्व वाली साधारण बीमा कंपनियों को सूचीबद्ध करना और पीएसबी के समेकन के लिए योजना का प्रारूप तैयार करना।
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