वाशिंगटन, 2 मार्च (आईएएनएस)। विश्व बैंक समूह की कंपनी आईएफसी ने अपना पहला उरिदाशी मसाला बांड लांच किया है। इसके जरिए वह जापान के निवेशकों से 30 करोड़ रुपये (43 लाख डॉलर) जुटाएगी, जिसका निवेश भारत में निजी क्षेत्र में किया जाएगा।
आईएफसी ने मंगलवार को टोक्यो में की गई घोषणा में कहा कि बांड की परिपक्व ता अवधि तीन साल की है। यह आईएफसी के मसाला बांड पर आधारित है, जिसके माध्यम से भारत में निवेश करने के लिए वैश्विक निवेशकों से 1.7 अरब डॉलर जुटाए गए हैं।
मसाला बांड रुपया मूल्य वाले बांड का लोकप्रिय नाम है, जिसे सिर्फ विदेशी निवेशकों को ही बेचा जाता है। वहीं, उरिदाशी बांड जापान में घरेलू निवेशकों को बेचा जाता है।
आईएफसी के उरिदाशी मसाला बांड से हासिल होने वाली आय का उपयोग भारत में निजी क्षेत्र में निवेश में किया जाएगा।
आईएफसी के उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष जिंगडोंग हुआ ने कहा, “आईएफसी के ताजातरीन बांड ने भारतीय कंपनियों के लिए स्थानीय मुद्रा में कोष जुटाने का एक नया स्रोत खोला है और साथ ही जापानी घरेलू निवेशकों को दुनिया की एक सबसे तेज अर्थव्यवस्था के विकास में हिस्सा लेने में सक्षम बनाया है।”
जेपी मोर्गन इस बांड की एकमात्र व्यवस्थापक है, जबकि हिनोमारू सिक्योरिटीज कंपनी लिमिटेड वितरक एजेंसी है।
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