लखनऊ , 7 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के निलंबित आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने अपनी बहाली को लेकर अब आर-पार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। ठाकुर 10 मार्च को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आवास के सामने धरना देंगे।
अमिताभ ठाकुर ने बताया कि डीआईजी डी.के. चौधरी ने एक वृद्ध व्यक्ति को अकारण थप्पड़ मार दिया, इसके बावजूद उन्हें 15 दिनों के अंदर बहाल कर दिया गया, जबकि उन्हें 8 महीने से निलंबित रखा गया है।
सरकार पर भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि 10 मार्च को वह मुख्यमंत्री आवास 5, कालिदास मार्ग पर धरना देंगे। उन्होंने इस संबंध में डीजीपी जावीद अहमद को सूचित भी कर दिया है।
गौरतलब है कि अमिताभ ठाकुर ने समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख मुलायम सिंह यादव पर धमकाने का आरोप लगाया था, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। एक थाने पर धरना देकर ही उन्होंने पुलिस को मुलायम के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए बाध्य किया था। उनके पास सबूत के तौर पर मोबाइल फोन की रिकार्डिग है।
अमिताभ के अनुसार, डी.के. चौधरी को 24 फरवरी को थप्पड़ मारने की घटना सामने आने और इस संबंध में डीजीपी और मुख्यमंत्री द्वारा संज्ञान लेने और जांच के बाद निलंबित किए जाने पर भी तत्काल बहल कर दिया गया, जो साफ दर्शाता है कि उनके साथ भारी भेदभाव किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उनके लिए यह जरूरी हो गया है कि वह अपनी व्यथा सबके सामने प्रकट करें और यही सोचकर उन्होंने 10 मार्च को मुख्यमंत्री आवास के बाहर अकेले बैठने का निर्णय लिया है।
अमिताभ का कहना है कि उन्हें जुलाई, 2015 में गलत कारनामे के खिलाफ आवाज उठाने के कारण निलंबित कर दिया गया और आज तक निलंबित रखा गया है, जबकि 90 दिनों की अवधि बीतने के बाद उनका निलंबन आदेश विधिशून्य हो गया है।
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