नई दिल्ली, 11 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को इस पर जोर दिया कि आज की दुनिया को एक करने में ‘सॉफ्ट पॉवर’ की भूमिका महत्वपूर्ण है लेकिन उन्होंने जोर दिया कि भारत इसमें अपनी भूमिका बेहतर तरीके से तभी निभा सकेगा जब देशवासी अपने ही देश की आलोचना से बचेंगे।
नई दिल्ली, 11 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को इस पर जोर दिया कि आज की दुनिया को एक करने में ‘सॉफ्ट पॉवर’ की भूमिका महत्वपूर्ण है लेकिन उन्होंने जोर दिया कि भारत इसमें अपनी भूमिका बेहतर तरीके से तभी निभा सकेगा जब देशवासी अपने ही देश की आलोचना से बचेंगे।
प्रधानमंत्री ने यमुना खादर क्षेत्र में आयोजित श्री श्री रविशंकर के ऑर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के विश्व संस्कृति कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा, “जब हम जीवन में समस्याओं से जूझते हैं तो हमें आर्ट ऑफ लिविंग की जरूरत पड़ती है। हम किसी एक मुद्दे को लेकर अपने आप से बाहर निकल कर एकजुट होते हैं तो हमें आर्ट ऑफ लिविंग की जरूरत पड़ती है।”
उन्होंने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा, “जब कभी सत्ता प्रतिष्ठान वांछित नतीजे नहीं हासिल कर पाते हैं, तब साफ्ट पावर की प्रासंगिकता सामने आती है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस दिशा में अपना योगदान कर सकता है लेकिन इसके लिए जरूरी है कि देशवासी अपनी संस्कृति और परंपरा पर गर्व करें।
उन्होंने कहा, “हम तभी योगदान कर सकते हैं जब हम खुद अपनी संस्कृति पर गर्व महसूस करेंगे। लेकिन, अगर हम अपने को ही कोसते रहेंगे तो फिर विश्व हमारी तरफ किस निगाह से देखेगा।”
आर्ट आफ लिविंग की पहल की प्रशंसा करते हुए मोदी ने कहा, “दुनिया केवल आर्थिक चिंताओं की वजह से ही एकजुट नहीं रहती। यह मानवीय मूल्यों से भी एकजुट रहती है और भारत इसमें बड़ी भूमिका निभा सकता है।”
यह तीन दिवसीय विश्व संस्कृति महोत्सव पर्यावरण संबंधी चिंताओं की वजह से विवाद में भी है।
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