मुजफ्फरनगर, 12 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में मुजफ्फनगर जिले की स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) के एक निरीक्षक का तबादला कर दिया गया है। वर्ष 2013 के सांप्रदायिक दंगों से जुड़े जांच आयोग की रिपोर्ट आने के बाद इस अधिकारी का तबादला किया गया है। जांच रिपोर्ट में निरीक्षक को सही जानकारी न देने का दोषी बताया गया है।
निरीक्षक प्रबल प्रताप सिंह को 2013 दंगों के दौरान कानूनी खुफिया इकाई (एलआईयू) में तैनात किया गया था। दंगों में मुजफ्फरनगर और आसपास के जिलों में 60 से अधिक लोग मारे गए थे और हजारों अन्य विस्थापित हो गए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के.बी. सिंह के अनुसार, अरुण कुमार एलआईयू के नए प्रभारी होंगे।
विधानसभा में छह मार्च को पेश की गई न्यायमूर्ति विष्णु सहाय आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि खुफिया नाकामी और पुलिस की ढिलाई के कारण हिंसा हुई। यह रिपोर्ट छह मार्च को राज्य विधानसभा के पटल पर रखी गई।
आयोग ने कहा कि 27 अगस्त, 2013 को कवाल नगर में अल्पसंख्यक समुदाय के एक युवक की हत्या के बाद सांप्रदायिक आधार पर ध्रुवीकरण के चलते हिंसा शुरू हुई। दो लोगों ने युवक की हत्या की थी।
आयोग ने कहा कि प्रबल प्रताप सिंह मंदौर में महापंचायत के लिए गए लोगों की सही संख्या बताने में नाकाम रहे, जिसके बाद दंगे शुरू हुए। महापंचायत से लौट रहे हिन्दुओं, खासकर जाटों पर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने कथित रूप से हमला किया, जिससे तनाव और बढ़ गया।
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