नई दिल्ली, 12 मार्च (आईएएनएस)।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की प्रशासक हेलेन क्लार्क के साथ अन्य मुद्दों व स्थायी विकास के लक्ष्यों (एसटीडीजी) को लागू करने पर विचार-विमर्श किया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा, “विदेश मंत्री ने कहा कि भारत ने एसटीडीजी के 17 लक्ष्यों में सात पर ठोस नीतियां व कार्यक्रम बनाकर पहले ही काम करना शुरू कर दिया है। “
सुषमा ने न्यूजीलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री क्लार्क से कहा, “स्वच्छता और लैंगिक समानता जैसे मुद्दों पर खासकर जोर दिया गया है।”
उन्होंने यह भी कहा कि संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अपने जवाब में प्रधानमंत्री ने भी संसद के हर सत्र में एक दिन को विशेष रूप से एडीजीज पर चर्चा के लिए रखा जाए।
स्वरूप ने कहा, “हेलेन क्लार्क ने यूएनडीपी में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की और कहा कि जी-77 के देशों में भारत दूसरा सबसे अधिक योगदान करने वाला देश है।”
उन्होंने कहा, “विदेश मंत्री की इब्सा (भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका) निधि के संचालन के लिए यूएनडीपी के साथ गहरे सहयोग की भी सराहना की गई। यूएनडीपी ने दुनियाभर में विकास से जुड़ी कई परियोनाओं में मदद की है।”
बातचीत के दौरान जलवायु परिवर्तन और पेरिस में हुए जलवायु परिवर्तन पर पिछले साल कान्फ्रेंस ऑफ पेरिस (सीओपी) 21 और देशों के लिए जरूरी कार्बन उत्सर्जन कटौती के राष्ट्रीय प्रतिबद्धता संकल्प योगदान पर भी चर्चा हुई।
सुषमा स्वराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अपने सचिवालय की पहल पर भारत में स्थापित अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की भी जानकारी दी।
स्वरूप ने कहा, “प्रशासक ने यह भी कहा कि एडीजीज के लिए सबसे प्राकृतिक आपदा बड़े खतरे बनकर सामने आ रहे हैं।”
इस संदर्भ में उन्होंने भारत की आपदा का असर कम करने की क्षमता की सराहना की। भारत अन्य विकासशील देशों को भी इसका प्रस्ताव दे चुका है।
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