नई दिल्ली, 13 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने राजधानी में आयोजित आर्ट आफ लिविंग के कार्यक्रम में रविवार को कहा कि वक्त की मांग है कि बिना एक दूसरे की सांस्कृतिक भावनाओं को ठेस पहुंचाए सामंजस्य से रहा जाए।
आर्ट आफ लिविंग के ग्लोबल लीडरशिप फोरम को संबोधित करते हुए प्रभु ने यह रेखांकित किया कि कैसे संस्कृति लोगों को एक साथ लाती है।
उन्होंने कहा, “संस्कृति लोगों को सक्रिय रखती है। इसके चलते संघर्ष भी होते हैं। इसलिए यह बड़ी चुनौती है कि संस्कृति को बनाए रखा जाए और इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि कैसे एक:दूसरे की सांस्कृतिक भावनाओं को ठेस पहुंचाए बिना सामंजस्य से रहा जाए।”
उन्होंने कहा “हम लोग समान स्रोत की उपज हैं। हमें अलग-अलग पहचान के साथ रहने का हक है।”
प्रभु ने अपने संबोधन में पारसी समुदाय के लोगों की फारस से भारत आने के बाद गुजरात के राजा के साथ हुई वार्ता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पारसी लोगों का न केवल अस्तित्व बचा हुआ है, बल्कि वे भारत में सर्वाधिक सम्मानित समुदाय हैं।
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