तीन लोगों की मौत के बाद मादा भालू को गोली मार दी गई। मादा भालू पोस्टमार्टम करने वाली पशु चिकित्सक डॉ. कमरजहां खान ने बताया कि मादा भालू 75 किलो वजनी और लगभग 6 वर्ष की थी। भालू की मौत गोली लगने से ही हुई है।
पशु चिकित्सक ने बताया कि भालू के शरीर में 12 गोली के छेद बाहर मिले, जबकि गोलियों के 16 छेद शरीर के अंदर पाए गए। गोलियों के निशान हाथ, पेट, पसली, पीठ पर मिले भालू की दो पसलियां टूटी हुई थीं। साथ ही हाथ की हड्डी दो जगह से टूटा हुआ मिला। अंदरूनी हड्डी भी टूटी पाई गई।
भालू के मुंह में मांस का छोटा टुकड़ा और पेट में भी मांस का कुछ अंश मिलाए, जो मारे गए व्यक्तियों के ही अंश लगे। पशु चिकित्सक के अनुसार, भालू का पेट खाली था। पचे हुए भोज्य पदार्थ भी नहीं मिले। पेट में मल भी नहीं था। इससे स्पष्ट है कि मादा भालू कई दिनों से भूखी थी।
चिकित्सक ने बताया कि भालू ने कई शावकों को जन्म दिया है। वह शावकों को दूध भी पिलाती रही है। भालू अपेक्षाकृत कमजोर थी।
मृतकों के परिजनों को 4.4 लाख रुपये की मदद :
भालू के हमले से मृत धनसिंह दीवान और शत्रुहन दीवान की मौत पर वन विभाग द्वारा 4.4 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। पीड़ित परिजनों को तत्कालिक सहायता 25.25 हजार रुपये प्रदान की गई वन परिक्षेत्र अधिकारी सीबी अग्रवाल के अनुसार, आगामी कुछ दिनों में मृतकों के परिजनों को शेष 3 लाख 75 हजार रुपये कागजी औपचारिकता के बाद दी जाएगी।
वन विकास निगम बारनयापारा परियोजना मंडल के डीएम एन.के. अग्रवाल के अनुसार, मृत डिप्टी रेंजर के.डी. साहिल की पत्नी को रविवार की सुबह 50 हजार रुपये की अंतरिम राहत राशि दी गई है।
विभाग की ओर से सहायक परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी (तुमगांव सर्किल) आर.पी. सिंह विभागीय स्टाफ के साथ अंत्येष्टि कार्यक्रम में शामिल हुए। अग्रवाल ने बताया कि विभागीय नियमानुसार, मृत स्टाफ को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है।
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