लखनऊ , 16 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर प्रदेश के सूखाग्रस्त जिलों के निवासियों के लिए अरहर दाल और खाद्य तेल सहित अन्य खाद्यान्न कम से कम 6 माह तक उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में यह भी अनुरोध किया है कि खाद्य तेल उपलब्ध कराना संभव न होने की स्थिति में विकल्प के तौर पर 2 किलोग्राम सरसों व तिल प्रति परिवार प्रतिमाह आवंटित करने के लिए लगभग 38 हजार मीट्रिक टन सरसों व तिल सस्ते दर पर शीघ्र आवंटित किया जाए।
उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर प्रदेश के 50 सूखाग्रस्त जिलों के लोगों को मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया है कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए इन सामग्रियों पर आने वाला व्यय भार राज्य सरकार के लिए वहन करना संभव नहीं है।
अखिलेश ने पत्र में लिखा है कि प्रदेश में इस वर्ष सूखे के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले साल कम वर्षा के बाद लगातार दूसरा वर्ष ऐसा है, जिसमें कृषकों के समक्ष सूखे की विकट स्थिति आई है। इससे गरीब लोगों के सामने खाने-पीने की समस्या के साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य पर भी कुप्रभाव पड़ने की आशंका है।
उन्होंने लिखा है, “इस स्थिति से निपटने के लिए प्रदेश शासन सजग एवं संवेदनशील है। राज्य के 75 जिलों में से 50 जिले, जिसमें बुंदेलखंड के सभी जिले शमिल हैं, सूखाग्रस्त हैं। इनमें लगभग 28 लाख परिवार अन्त्योदय श्रेणी के हैं।”
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में इस बात का भी जिक्र किया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के अनुसार इन परिवारों को 35 किलोग्राम प्रति परिवार प्रतिमाह की दर से खाद्यान्न उपलब्ध कराने पर लगभग 32 हजार मीट्रिक टन गेहूं तथा लगभग 68 हजार मीट्रिक टन चावल वितरित किया जाना है।
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