देहरादून, 18 मार्च (आईएएनएस)। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 14 मार्च को विधानसभा के सामने प्रदर्शन के दौरान घायल हुए अश्व दल के घोड़े ‘शक्तिमान’ के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को मसूरी से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक गणेश जोशी को 31 मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
इधर, भाजपा विधायक की गिरफ्तारी के खिलाफ पूरे उत्तराखंड में भाजपा कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं। देहरादून स्थित विकासनगर में भी अदालत के सामने कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
इससे पूर्व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता अजय भट्ट ने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ विधायक गणेश जोशी की गिरफ्तारी को लेकर राज्यपाल के.के. पॉल व डीजीपी बी.एस. सिद्धू से मुलाकात कर गिरफ्तारी को गलत बताया।
पुलिस ने विधायक गणेश जोशी को देहरादून के वायसराय होटल से सुबह गिरफ्तार किया। एसपी (सिटी) अजय सिंह के नेतृत्व में पुलिस उन्हें सहसपुर ले गई। यहां उनका चिकित्सकीय परीक्षण कराने के बाद उन्हें विकासनगर स्थित अदालत में पेश किया। अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
इधर, राज्यपाल से मुलाकात के बाद अजय भट्ट ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि कांग्रेस सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है। भाजपा विधायक गणेश जोशी की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए राज्यपाल से मुलाकात की गई है। अगर न्याय नहीं मिला तो भाजपा न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।
इस बीच, भाजपा विधायक गणेश जोशी की गिरफ्तारी का मुद्दा शुक्रवार को विधानसभा में भी उठा। भट्ट ने विधानसभा अध्यक्ष से मांग की कि जोशी को विधानसभा में बुलाया जाए। कार्रवाई समाप्त होने के बाद पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अब जब पुलिस ने विधायक को गिरफ्तार कर लिया है। तब इस मामले में वह भी कुछ नहीं कर सकते।
विधायक की गिरफ्तारी के मामले में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विधायक की गिरफ्तारी से सरकार का कोई लेना-देना नहीं है। कानून अपना काम कर रहा है। इसमें सरकार किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग इस मामले को लेकर किस तरह का ‘नाटक’ कर रहे हैं, यह उत्तराखंड की जनता देख रही है और वह इसका सही जवाब देगी।
वहीं, विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि हरीश रावत सरकार ने विधायक को आतंकवादी की तरह उठवाया है।
उन्होंने कहा, “जिस तरह से विधायक को गिरफ्तार किया गया, उससे साबित हो गया है कि राज्य में भय का वातावरण है। सरकार ने गणेश जोशी को इस तरह से उठाया जैसे वह आतंकवादी हो। सरकार ने इस पूरे मामले की जांच का इंतजार भी नहीं किया।”
भट्ट ने आरोप लगाया कि सरकार ने विधायक को गिरफ्तार नहीं करवाया है, बल्कि अपहरण करवाया है।
गौरतलब है कि अमेरिका और मुंबई से आई डाक्टरों की टीम की सलाह के बाद गुरुवार रात आठ बजे घायल शक्तिमान (घोड़े) की टांग काटने का फैसला लिया गया। रात करीब 8़ 29 मिनट पर शुरू हुआ ऑपरेशन लगभग 39 मिनट चला। इस दौरान बेहोश कर शक्तिमान की टांग का करीब एक फीट हिस्सा काटा गया। इसके बाद टांग में सपोर्ट लगाकर मरहम-पट्टी की गई।
एसएसपी डॉ़ सदानंद दाते ने बताया कि शक्तिमान बुधवार को उठते समय लड़खड़ाकर बार-बार गिरा था। इससे पूर्व में किया गया ऑपरेशन बेकार हो गया। टांग के टूटे हिस्से की हड्डी बाहर आ गई तथा सपोर्ट के लिए लगाई गई पिन खिसक गई।
मुंबई से आए डॉ. फिरोज और अमेरिका निवासी डॉ. जैनी मेरीवान भूटान से देहरादून पहुंचे थे। उन्होंने यहां घायल शक्तिमान की टूटी टांग और पहले किए गए ऑपरेशन की जांच की। डाक्टरों ने टांग के जुड़ने की कम संभावना जताई। इसके बाद जख्मी टांग को काटने का फैसला लिया गया।
dharmpath.com dharmpath