पटना, 21 मार्च (आईएएनएस)। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और ‘हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा’ के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने देश में आरक्षण को लेकर छिड़ी बहस और तमाम आशंकाओं के बीच सोमवार को आरक्षण की समीक्षा किए जाने की वकालत की। साथ ही घोषणा की कि वह अगले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में आरक्षण की सुविधा नहीं लेंगे।
मांझी ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि आरक्षण की समीक्षा होनी चाहिए। इसकी समीक्षा नहीं हो पाने की वजह से जरूरतमंद लोगों का एक बड़ा हिस्सा आरक्षण के लाभ से वंचित है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य में ‘बढ़ते अपराध’ पर चिंता जताई और कहा कि बिहार में आपराधिक घटनाओं में बेतहाशा वृद्घि हुई है, लेकिन सरकार कोई कारगर पहल नहीं कर रही है।
अगले चुनावों में आरक्षण की सुविधा नहीं लेने की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा, “अगले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में मेरा पूरा परिवार आरक्षण का कोई लाभ नहीं लेगा। जिसे भी चुनाव लड़ना होगा, वह सामान्य सीट से चुनाव लड़ेगा।”
उन्होंने कहा कि इससे दूसरे लोगों को आरक्षण का लाभ मिलेगा।
मांझी ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार विकास के लिए राज्य को जो राशि देती है, वह भी राज्य सरकार खर्च नहीं कर पा रही है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट से यह बात सामने आ चुकी है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरक्षण की समीक्षा को जरूरी करार देते हुए कहा कि समीक्षा नहीं होने से सही स्थिति सामने नहीं आ पा रही है।
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