श्रीनगर, 24 मार्च (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर में सरकार गठन को लेकर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) विधायकों की निर्णायक बैठक से चंद घंटे पहले पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती गुरुवार को कब्रगाह पहुंचीं और अपने दिवंगत पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद की कब्र पर प्रार्थना की।
महबूबा दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले में अपने पैतृक गृहनगर बिजबेहरा पहुंचने के बाद पिता की कब्र पर पहुंची। अपने विधायकों के साथ बैठक करने के लिए श्रीनगर जाने से पहले वे अपनी एक बेटी के साथ पिता की कब्र पर पहुंची और कुछ क्षण तक प्रार्थना की।
पीडीपी के सूत्रों ने आईएएनएस से कहा कि बैठक श्रीनगर स्थित महबूबा के फेयरव्यू आवास पर शाम चार बजे शुरू होगी।
पीडीपी के एक सूत्र ने कहा, “महबूबा ने अपनी पार्टी के विधायकों को इस सप्ताह की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बैठक और सरकार गठन को लेकर उनके साथ हुई वार्ता से अवगत कराया था।”
सूत्र ने कहा, “राज्य में सरकार के गठन को लेकर पार्टी आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श करेगी।”
पीडीपी विधायक दल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन बनाए रखने को लेकर फैसले की जिम्मेदारी महबूबा पर ही छोड़ दी है।
पार्टी ने हालांकि अभी तक उन्हें विधायक दल का नेता नामित नहीं किया था, जो सरकार बनाने का दावा पेश करने से पहले की एक संवैधानिक शर्त है। सूत्रों ने कहा कि पीडीपी विधायक दल द्वारा महबूबा को विधायक दल का नेता निर्वाचित करने की संभावना है।
लेकिन मीडिया में आ रही अटकलों के मुताबिक, उन्होंने किसी और को विधायक दल का नेता निर्वाचित करने का फैसला किया है, ताकि वे पार्टी के अध्यक्ष पद पर बरकरार रह सकें और साथ ही लोकसभा सदस्य भी रहें।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, इसकी कम ही संभावना है कि महबूबा किसी और को मुख्यमंत्री बनाएंगी, क्योंकि इससे पार्टी में अंदरूनी कलह पैदा हो सकती है।
पीडीपी के एक वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री ने यहां कहा, “वे पार्टी की निर्विवाद नेता हैं। उनके समान दूसरा कोई नहीं। वे ही मुख्यमंत्री बनेंगी।”
महबूबा दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सदस्य हैं। यदि उन्हें विधायक दल का नेता चुना जाता है, तो उनके जम्मू एवं कश्मीर की पहली महिला मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो जाएगा।
ऐसी परिस्थिति में उन्हें विधानसभा या विधानपरिषद में से किसी एक का सदस्य बनना होगा और लोकसभा सीट से इस्तीफा देना पड़ेगा।
महबूबा के पिता व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन के बाद से जम्मू एवं कश्मीर में निर्वाचित सरकार नहीं है।
पिता के निधन के तुरंत बाद ही महबूबा के मुख्यमंत्री बनने की अटकलें लगाई गईं, लेकिन उन्होंने भाजपा के साथ गठबंधन बरकरार रखने को लेकर लोगों को संशय में डाल दिया।
दो महीने तक संशय बरकरार रहने के बाद गठबंधन के दोनों साझेदार सरकार गठन को लेकर तैयार हुए, जिसके बाद मुफ्ती ने मंगलवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
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