भोपाल, 25 मार्च (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के जनजातीय इलाकों में मलेरिया की स्थिति गंभीर है, इससे निपटने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात कर 20 लाख कीटनाशी उपचारित मच्छरदानी (एलएलआईएन) की मांग की है।
राज्य के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि मुख्यमंत्री शिवराज ने नड्डा से मुलाकात कर उन्हें बताया कि राज्य सरकार के चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग की परियोजनाएं केंद्र सरकार के पास अनुमोदन के लिए लंबित हैं।
शिवराज ने बताया कि प्रदेश के जनजातीय इलाकों में मलेरिया की समस्या काफी गंभीर है। मलेरिया के उन्मूलन के लिए राज्य सरकार युद्ध स्तर पर प्रयास कर रही है। मलेरिया के संक्रमण को रोकने के लिए एलएलआईएन एक कारगर उपाय है।
उन्होंने अनुरोध किया कि केंद्र सरकार न्यूनतम 20 लाख एलएलआईएन उपलब्ध कराए, ताकि राज्य सरकार प्रत्येक परिवार को दो कीटनाशी मच्छरदानी उपलब्ध करा सके।
शिवराज ने बताया कि प्रदेश में सात नए चिकित्सा महाविद्यालय (विदिशा, रतलाम, शहडोल, दतिया, खंडवा, शिवपुरी, छिंदवाड़ा में) खोलने का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास लंबित हैं। चिकित्सा महाविद्यालय खोलने के लिए भूमि का चयन एवं हस्तांतरण राज्य सरकार द्वारा किया जा चुका है।
शिवराज ने नड्डा से एम्स-भोपाल के निदेशक पद को भरने का भी अनुरोध किया। साथ ही बताया कि भोपाल मेमोरियल अस्पताल में ठीक से कार्य नहीं हो पा रहा है। इसका संचालन यदि केंद्र सरकार राज्य सरकार को सौंप दे और केंद्र सरकार इस अस्पताल के संचालन के लिए कुछ समय तक सहायता राशि देना जारी रखे, तो इस अत्याधुनिक अस्पताल का फायदा भोपाल के लोगों को मिल सकेगा।
शिवराज ने नड्डा को बताया कि प्रदेश में चिकित्सकों की भारी कमी है। चिकित्सकों को सरकारी नौकरी में आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार ने कई ठोस कदम उठाए हैं।
उन्होंने आग्रह किया कि सरकारी नौकरी में आने के लिए इन-सर्विस डॉक्टर्स को यदि पीजी या डिप्लोमा की सुविधा के लिए कोटा उपलब्ध हो जाए, तो कई नवयुवक चिकित्सक शासकीय सेवा में आने के लिए आकर्षित होंगे।
केंद्रीय मंत्री नड्डा ने मुख्यमंत्री शिवराज द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों के लिए केंद्र सरकार की तरफ से हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया।
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