मुंबई, 26 मार्च (आईएएनएस)। पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली ने शनिवार को एक सनसनीखेज खुलासा किया। उसने कहा कि 26/11 के मुंबई हमले के बाद उसने मार्च, 2009 में नई दिल्ली स्थित भारतीय सेना के मुख्यालय की रेकी की थी।
हेडली ने यह खुलासा 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के मुख्य आरोपियों में से एक सैयद जैबुद्दीन अंसारी उर्फ अबु जुंदाल के वकील अब्दुल वहाब खान द्वारा की जा रही पूछताछ में किया। वहाब ने पूछा था कि क्या तुमने भारत के उपराष्ट्रपति के नई दिल्ली स्थित आवास की रेकी की थी?
हेडली ने इस वीआईपी आवास की रेकी करने से इंकार किया और खुलासा किया कि उसने सेना भवन से लेकर नेशनल डिफेंस कॉलेज(एनडीसी) तक के रास्ते की रेकी और वीडियोग्राफी की थी थी और इसी रास्ते में कहीं पर उपराष्ट्रपति आवास भी पड़ता है।
हेडली ने 12 फरवरी को पूछताछ के दौरान स्वीकारा था कि लश्कर-ए-तैयबा(एलईटी) के हैंडलर साजिद मीर के इशारे पर उसने 2007 में एक बार एनडीसी परिसर की रेकी की थी। आतंकवादी संगठन अल कायदा की नजर में एनडीसी ‘एक बढ़िया निशाना’ था।
हेडली ने 13 फरवरी को खुलासा किया कि कैसे उसने 26/11 हमले के बाद सैन्य प्रतिष्ठानों, सैन्य अधिकारियों की भर्ती और उनके बारे में ‘गोपनीय जानकारी’ जुटाने के लिए 16-17 मार्च, 2009 के बीच पुणे स्थित भारतीय सेना की दक्षिणी कमान के मुख्यालय, एनडीसी, गोवा के चबड़ हाउसेज, पुष्कर, पुणे के बारे में जानकारी जुटाई थी।
उसने यह भी कहा कि वह कैसे अमेरिका, इजरायल और भारत को इस्लाम का दुश्मन मानता था, लेकिन इस बात से इंकार कर दिया कि वह भारत में ‘इस्लामी शासन’ की बहाली चाहता था।
हेडली ने इससे पहले दिन में कहा कि वह समाचारपत्रों के जरिए ठाणे के कॉलेज में पढ़ने वाली इशरत जहां की मुठभेड़ से वाकिफ हुए। उसने बताया कि एलईटी प्रमुख जकीउर रहमान लखवी ने उसे ‘ऑपरेशन’ के बारे में बताया था।
उसने कहा कि उसने भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को उस महिला सदस्य के बारे में बताया था, जो भारत में एक मुठभेड़ में मारी गई(इशरत जहां) और उससे जुड़ी अन्य चीजों के बारे में भी बताया था, लेकिन उसे नहीं पता कि एनआईए ने उसके बयान को ठीक-ठीक रिकॉर्ड क्यों नहीं किया।
उसने आरोप लगाया कि उसने जो बयान दिए, एनआईए ने उन्हें हू-ब-हू रिकॉर्ड नहीं किया। उदाहरण के लिए उसने कभी नहीं कहा कि लखवी ने उसे भट्ट से जब मिलवाया था तो उसने (लखवी) उसके (भट्ट) बारे में हंसते हुए व्यंग्यात्मक लहजे में कहा था कि यह शीर्ष कमांडर है, जिसका हर बड़ा ऑपरेशन नाकाम रहा है।
हेडली ने कहा, “मैं नहीं जानता कि एनआईए ने मेरे बयान को हू-ब-हू रिकॉर्ड क्यों नहीं किया। उन्होंने रिकॉर्ड करने के बाद मुझे कभी बयान पढ़कर नहीं सुनाया। मैंने बयान की प्रति नहीं मांगी और उन्होंने भी मुझे कभी प्रति नहीं दी।”
वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए अमेरिका से सीधे हो रही हेडली की चार दिवसीय पूछताछ यहां शनिवार अपराह्न् खत्म हो गई।
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