मुख्य सचिव विवेक ढांड ने शनिवार शाम यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिला कलेक्टरों को मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप ग्राम सुराज की तर्ज पर इस वर्ष माह अप्रैल में ‘जल-सुराज’ अभियान चलाने के लिए भी तैयारी करने के निर्देश दिए।
ढांड ने उन्हें हैंडपंपों और ग्रामीण नल-जल योजनाओं, शहरी जल प्रदाय योजनाओं के बेहतर रखरखाव के निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि राज्य सरकार को रायपुर, दुर्ग और रायगढ़ जिलों के कुछ उद्योगों के खिलाफ यह शिकायत मिली है कि उनके द्वारा नियमों का उल्लंघन कर भूजल का मनमाना दोहन किया जा रहा है। ऐसे उद्योगों में तत्काल जांच की जाए और अगर वहां नियम विरुद्ध भूजल दोहन पाया गया तो उस पर तत्काल कठोरता से अंकुश लगाया जाए।
उन्होंने कहा कि जिन जिलों में जलाशयों की नहरों की व्यवस्था है वहां नहरों से तालाबों को भरने का काम योजनाबद्ध ढंग से शुरू कर दिया जाए। नहरों के रख-रखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी संबंधित विभागों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग के निर्देश भी पूर्व के वर्षो में दिए हैं।
उन्होंने इन निर्देशों का गंभीरता से पालन किया जाए और आगामी मानसून के दौरान सरकारी भवनों में छतों से बारिश के पानी को रेन वाटर हार्वेस्टिंग की तकनीक से जमीन के भीतर पहुंचाया जाए।
वीडियो कान्फ्रेंसिंग में मुख्य सचिव के साथ पंचायत और ग्रामीण विभाग के अपर मुख्य सचिव एम.के. राउत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव एन.के. असवाल, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सुब्रत साहू, राजस्व विभाग के सचिव के.आर. पिस्दा, खाद्य विभाग की सचिव ऋचा शर्मा, वित्त विभाग के सचिव अमित अग्रवाल और रायपुर संभाग के कमिश्नर अशोक अग्रवाल सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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