दीमापुर, 27 मार्च (आईएएनएस)। नागालैंड के सबसे शक्तिशाली सशस्त्र संगठनों में से एक एनएससीएन-रिफॉर्मेशन ने एनएससीएन-खपलांग समूह द्वारा संघर्ष विराम को रद्द करने का एक साल पूरा होने पर सोमवार को काला दिवस मनाने का ऐलान किया है।
एनएससीएन-आर के अध्यक्ष वांगटिन कोनयक ने आईएएनएस को बताया, “28 मार्च हमारे लिए काला दिवस है क्योंकि खपलांग समूह ने शांति को मौका देने के बजाए पिछले साल भारत सरकार के साथ संघर्ष विराम को तोड़ दिया था।”
एनएससीएन-खपलांग ने अप्रैल 2015 में संघर्ष विराम को तोड़ने का फैसला किया था। इसके तत्काल बाद एनएससीएन-आर का गठन हुआ था।
एनएससीएन-रिफॉर्मेशन के संस्थापक पहले खपलांग समूह के वरिष्ठ सदस्य थे और शांति संधि तोड़ने के खिलाफ थे। एनएससीएन-आर ने भारत सरकार से संघर्ष विराम समझौता किया हुआ है।
यह समूह नागालैंड के अन्य सशस्त्र समूहों में से पहला था, जिसने एनएससीएन-आईएम और केंद्र सरकार के बीच तीन अगस्त, 2015 को हस्ताक्षरित समझौते का सार्वजनिक तौर पर समर्थन किया था।
खपलांग समूह ने संघर्ष विराम खत्म करने के बाद भारतीय सेना पर सिलसिलेवार हमले किए हैं। इनमें मणिपुर के चंदेल जिले में हमले में डोगरा रेजिमेंट के 20 सैनिकों की हत्या भी शामिल है।
dharmpath.com dharmpath