पटना, 28 मार्च (आईएएनएस)। बिहार के शेखपुरा जिले के बरबीघा थाना क्षेत्र में 60 वर्षीय वृद्ध जागो मांझी की कथित ‘भूख से मौत’ का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। विपक्ष जहां जागो की मौत भूख से बता रही है, वहीं सत्ता पक्ष ‘बीमारी से मौत’ बता रहा है।
जागो मांझी की मौत का मामला सोमवार को विधानसभा में भी उठा। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि बिहार में सरकार के घोषणा के बाद भी गरीबों में अनाज का वितरण नहीं हो रहा है, जिससे भूख के कारण गरीबों की मौत हो रही है। जागो की मौत भूख के कारण हुई है। इसकी जांच होनी चाहिए।
वहीं सरकार की ओर से मंत्री मदन सहनी ने सदन में कहा कि भूख से मौत नहीं हुई है। मौत का कारण बीमारी है। अगर भूख से मौत हुई होगी तो दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने पटना में कहा कि दलित की भूख से मौत सरकारी विफलता के कारण हुआ है। बिहार में खाद्य सुरक्षा योजना सही से लागू नहीं हुआ है। उन्होंने जागो की मौत की न्यायिक जांच कराने की मांग की है।
इधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह सोमवार को जागो के गांव पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने जागो की मौत के लिए राज्य सरकार को जिम्मेवार बताया।
इधर, राज्य के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि मौत पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। जागो की मौत दुखद है। इस मामले की जांच कराई जा रही है, जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उन पर कारवाई होगी।
उल्लेखनीय है कि जागो की मौत मामले की जांच के लिए शेखपुरा के जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। जांच टीम में जिला आपूर्ति पदाधिकारी ज्ञान प्रकाश, बरबीघा प्रखंड विकास पदाधिकारी राघवेंद्र शर्मा एवं बरबीघा के नगर पंचायत पदाधिकारी दिनेश कुमार सिन्हा को शामिल किया गया है।
जिलाधिकारी ने जागो मांझी के भूख से मौत की खबर का खंडन करते हुए कहा कि मृतक का पुत्र बाहर रहता है तथा घर पर दोनों वृद्ध दंपत्ति ही रहते हैं, इनका स्वास्थ्य भी खराब रहता था।
उन्होंने बताया कि जागो अंत्योदय योजना का लाभुक था, तथा फरवरी माह के अनाज का भी उसने उठाव किया, इसलिए भूख से मौत की खबर बेबुनियाद है।
उल्लेखनीय है कि दो दिन पूर्व शेखपुरा में जागो मांझी की मौत हो गई है।
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