नई दिल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)। पाकिस्तान का एक 41 वर्षीय व्यक्ति जो एक दुर्घटना में अपने दोनों हाथ खो चुका था, उसे यहां इंडियन स्पाइनल इंज्यूरी सेंटर (आईएसआईसी) में कृत्रिम हाथ लगाया गया।
रानो पांच साल पहले एक घातक दुर्घटना के शिकार हुए थे, जिसमें उन्हें अपने दोनों हाथ गंवाने पड़े थे। उनका बांया हाथ कंघे से अलग हो गया था और दाहिना हाथ कोहनी के पास से अलग हो गया था।
आईएसआईसी के मददकारी प्रौद्योगिकी विभाग ने कम लागत में एक अनूठे कृत्रिम हाथ का निर्माण किया है, जो कटे हाथ की जगह ले सकता है। सेंटर ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी।
रानो इससे पहले एक आयातित रोबोटिक हाथ का प्रयोग करते थे, जिससे उन्हें कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने कास्मेटिक प्रोस्थेसिस हाथ बनवाया। लेकिन इससे उन्हें कोई राहत नहीं मिली। आखिरकार उन्हें आईएसआईसी भेजा गया।
मददकारी प्रौद्योगिकी विभाग के निदेशक नेकराम उपाध्याय ने बताया, “जब रानो यहां आए थे, तो वह खुद से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे, क्योंकि उनका कास्मेटिक प्रोस्थेसिस हाथ देखने में तो ठीक था, लेकिन उससे उन्हें कोई मदद नहीं मिल रही थी। हमने उनके लिए कम लागत में एक अनूठा यंत्र बनाया है जो कृत्रिम हाथ की तरह काम करता है।”
उपाध्याय कहते हैं, “यह यंत्र मरीज की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। हम अपने इस काम की सफलता से काफी खुश हैं।”
अब रानो और उनका परिवार काफी खुश है कि वे दैनिक जीवन में अब अधिक स्वतंत्रता के साथ रह पाएंगे।
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