लौट रहा परावैज्ञानिक युग : डॉ. पण्ड्या

हरिद्वार, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या ने यहां शनिवार को कहा आज की वैज्ञानिक प्रगति को देखते हुए प्रतीत होता है, जैसे पुरातन काल का परावैज्ञानिक युग फिर से लौट रहा है।

उन्होंने यह बात गायत्री तीर्थ शांतिकुंज के जैमिनी हॉल में इसरो (अहमदाबाद केंद्र) के वैज्ञानिकों द्वारा लगाई गई अंतरिक्ष प्रदर्शनी में कही। प्रदर्शनी देखने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, गायत्री विद्यापीठ सहित मायापुर, भोपतवाला व हरिद्वार क्षेत्र के कई विद्यालयों के विद्यार्थियों एवं आम नागरिक पहुंचे।

प्रदर्शनी में लोगों ने चंद्रयान-1, मंगलयान उपग्रहों की कार्य पद्धति को जाना। वहीं विद्यार्थियों ने आरआईएससी, पीएसएलयू, डीएटी आदि सेटेलाइट की प्रदर्शनी को बारीकी से देखा। एक साइकिल में ले जा सकने वाले 25 किलो की क्षमता वाले जीएसएलयू से लेकर करीब चार टन वाले सेटेलाइट तक प्रदर्शनी में रखे गए।

इसके अलावा बच्चों ने अंतरिक्ष में भेजे गए मंगलयान-1 की लघु फिल्म को उत्सुकतापूर्वक देखा। गायत्री परिवार प्रमुखद्वय डॉ. प्रणव पण्ड्या, शैलदीदी एवं शेफाली पण्ड्या सहित अन्य गणमान्यों ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

इस अवसर पर डॉ. प्रणव पण्ड्या ने कहा कि अवश्य ही विज्ञान ने काफी प्रगति की है। जीवन में काम आने वाले पहलुओं पर सहयोगी सुविधा संसाधनों के आविष्कार हुए हैं। आज की वैज्ञानिक प्रगति को देखते हुए प्रतीत होता है, जैसे पुरातन काल का परावैज्ञानिक युग फिर से वापस आ रहा है।

संस्था की अधिष्ठात्री शैल दीदी ने कहा कि आने वाले दिनों में मनुष्य साइंस के मार्ग से बुद्धि के अति सूक्ष्मतम धरातल की ओर अग्रसर हो रहा है। यह प्रदर्शन उसके विकसित कदम की निशानी है।

विज्ञान में रुचि रखने वाले प्रखर, आहुति, देवस्य, आशूतोष, अरविंद, जाह्न्वी, प्र™ोश आदि बच्चों ने कहा कि उपग्रहों की कार्य पद्धति को देखकर उन्हें बहुत खुशी हो रही है। वहीं अंतरिक्ष वैज्ञानिक की सपना संजोये बच्चों ने इसे एक सुनहरा अवसर बताया।

प्रदर्शनी के आयोजक इसरो (अहमदाबाद) के डॉ. विनोद पण्ड्या ने कहा कि यहां के बच्चों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति काफी रुचि व जिज्ञासा है। बच्चों ने जिस तरह प्रश्न किए, इससे लगता है कि अवसर मिलने पर ये काफी कुछ कर सकते हैं।

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