दर कटौती से अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी : जयंत

नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा की गई दर कटौती से देश की अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी।

सिन्हा ने यहां कहा, “हमारा मानना है कि दर कटौती अर्थव्यवस्था के लिए एक अच्छे उत्प्रेरक का काम करेगी।”

आरबीआई ने मंगलवार को रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती की। इस कटौती के साथ आरबीआई की रेपो दर 6.75 फीसदी से घटकर 6.50 फीसदी हो गई। वहीं बैंक ने रिवर्स रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि कर इसे 5.75 फीसदी से छह फीसदी कर दिया।

रेपो दर वह दर होती है, जिस पर आरबीआई वाणिज्यिक बैंकों को लघु अवधि के लिए ऋण देता है। रिवर्स रेपो दर वह दर है, जो आरबीआई वाणिज्यिक बैंकों से लघु अवधि के लिए ली जाने वाली राशि पर देता है।

आरबीआई ने नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) को हालांकि चार फीसदी पर बरकरार रखा। सीआरआर का मतलब वह आनुपातिक राशि है, जो वाणिज्यिक बैंकों को कुल जमा के मुकाबले तरल कोष के रूप में अपने पास बरकरार रखना होता है।

सीआरआर का दैनिक न्यूनतम संरक्षण हालांकि 95 फीसदी से घटाकर 90 फीसदी कर दिया गया है।

इसी प्रकार दो अप्रैल और उसके बाद से सांविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) को 21.25 फीसदी पर रखा गया है। एसएलआर का अर्थ यह है कि एक वाणिज्यिक बैंक को इतने मूल्य की निर्दिष्ट प्रतिभूतियां रखनी होती हैं।

आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कहा, “आरबीआई की 25 आधार अंक कटौती की घोषणा उसी दिशा में है, जिसमें सरकार अर्थव्यवस्था को बढ़ाना चाहती है।”

दास ने कहा, “सभी कदमों और आरबीआई की घोषणा के बाद वाणिज्यिक बैंकों को आरबीआई द्वारा की गई कटौती को आगे बढ़ाना चाहिए।”

आरबीआई के गवर्नर रघुराम राजन ने अपने मौद्रिक नीति बयान में कहा, “महंगाई दर अनुमान के अनुरूप रही है और जनवरी 2016 के लिए तय लक्ष्य से यह थोड़ी कम है।”

राजन ने यह भी कहा कि उपभोक्ता महंगाई दर में थोड़ी गिरावट आएगी और यह वर्तमान वित्त वर्ष में करीब पांच फीसदी बनी रहेगी।

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