श्रीनगर, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय की एक टीम ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के प्रदर्शनकारी छात्रों की शिकायतें जानने के लिए बुधवार को उनसे मुलाकात की।
निदेशक संजीव शर्मा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय टीम को छात्रों के एक वर्ग और पुलिस के बीच मंगलवार को हुई झड़प के कारणों का पता लगाने के लिए कहा गया है।
टीम ने पहले एनआईटी के निदेशक और उसके बाद प्रदर्शनकारी गैर स्थानीय छात्रों से मुलाकात की, जो दो दिनों से कक्षाओं का बहिष्कार कर रहे हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बातचीत लगभग तीन घंटे चली।
एनआईटी के मुताबिक, चार वर्षीय डिग्री कोर्स के तीसरे वर्ष के लगभग 500 गैर स्थानीय छात्र और कुछ नए छात्र कक्षाओं का बहिष्कार कर रहे हैं, जबकि अन्य स्तरों के 1,000 अन्य गैर स्थानीय छात्र कक्षाओं में शामिल हो रहे हैं।
एनआईटी में यह समस्या तब पैदा हो गई, जब तीसरे वर्ष के छात्रों और कुछ नए छात्रों ने मंगलवार को नारेबाजी करते हुए मार्च निकाला। पुलिस ने उन्हें परिसर के मुख्य द्वार पर रोक दिया था, जिसके बाद संघर्ष उत्पन्न हो गया।
छात्र संघ ने पुलिस पर कक्षाओं में प्रवेश करने और छात्रों को पीटने का आरोप लगाया, जिनमें कुछ विकलांग छात्र भी शामिल थे।
घटना के बाद एनआईटी परिसर के भीतर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को तैनात कर दिया गया।
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