नई दिल्ली, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में सरकारी विज्ञापन संबंधी विषयवस्तु के नियमन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। समिति की अध्यक्षता देश के पूर्व निर्वाचन आयुक्त बी. बी. टंडन करेंगे।
समिति के सदस्यों के रूप में इंडिया टीवी के अध्यक्ष एवं मुख्य संपादक तथा समाचार प्रसारक संघ के अध्यक्ष रजत शर्मा और ऑगिल्वी एंड माथर के कार्यकारी अध्यक्ष एवं क्रिएटिव निदेशक (दक्षिण एशिया) पीयूष पांडेय शामिल हैं।
यहां जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस तीन सदस्यीय समिति का चयन विधि एवं न्याय मंत्रालय से सलाह करने के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा गठित एक तीन सदस्यीय पैनल ने किया है। चयन पैनल की अध्यक्षता भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) चन्द्रमौलि कुमार प्रसाद ने की थी। समिति के कार्य-अधिकार, सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने विधि एवं न्याय मंत्रालय से परामर्श करने के बाद तय किए थे, जिनमें समिति की संरचना, गतिविधियां, शक्तियां, कर्तव्य और दायित्व शामिल हैं।
सर्वोच्च न्यायालय ने 13 मई, 2015 को एक निकाय के गठन का आदेश दिया था, ताकि इस तरह की व्यवस्था बनाई जा सके, जिसके तहत सरकारी विज्ञापनों की विषय वस्तु के नियमन के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप किए जाने वाले कार्यान्वयन का समय-समय पर जायजा लिया जा सके। अपने कार्य-अधिकार के अनुरूप समिति सर्वोच्च न्यायालय द्वारा तय दिशानिर्देशों के कार्यान्वयन संबंधी अवहेलनाओं पर आम जनता की शिकायतें दूर करेगी।
बयान के अनुसार, सदस्यों का कार्यकाल आरंभ में दो वर्षों का होगा, जिसमें एक साल का विस्तार दिया जा सकता है, लेकिन यह विस्तार दो बार से अधिक नहीं दिया जाएगा। समिति का संचालन दिल्ली से होगा और इसकी गतिविधियों के लिए विज्ञापन और दृश्य प्रचार निदेशालय व्यवस्था करेगा।
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