शिमला, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश की दो बड़ी सीमेंट कंपनियों ने 59 करोड़ रुपये के वस्तु कर की चोरी की है।
सीएजी की रपट के अनुसार, अंकेक्षण रिकार्ड में दर्शाया गया है कि हिमाचल के दरलाघाट स्थित अंबुजा सीमेंट और बाघा स्थित जे.पी. सीमेंट संयंत्र ने अतिरिक्त वस्तु कर की चोरी की।
रपट में कहा गया है कि सीमेंट उत्पादक संयंत्रों ने सीमेंट और पत्थरनुमा ईंट बनाने के लिए अप्रैल 2012 से मार्च 2014 तक 166,58,437 मीट्रिक टन चूना पत्थर और 21,33,544 मीट्रिक टन शेल की ढुलाई की।
इस माह विधानसभा में प्रस्तुत की गई रपट के अनुसार, अंबुजा सीमेंट कंपनी और जे.पी. सीमेंट को अतिरिक्त वस्तु कर के रूप में 33.74 करोड़ रुपये और 26.16 करोड़ रुपये सरकार को अदा करने थे।
राष्ट्रीय अंकेक्षक ने इसको गंभीरता से लिया है, क्योंकि कर की अदायगी न तो कंपनियों ने की और न ही उद्योग विभाग ने इसकी मांग की। नतीजा यह है कि कर की चोरी हो गई।
मामला उजागर होने के बाद उत्पाद एवं कराधान आयुक्त ने कहा कि संबद्ध प्राधिकारियों को इसके अनुपालन के लिए निर्देशित किया जाएगा।
गत साल दिसंबर तक राजस्व के नुकसान के संबंध में राज्य सरकार की ओर से सीएजी को कोई जवाब नहीं मिला था।
इन दो बड़े सीमेंट संयंत्रों के अलावा हिमाचल प्रदेश के बरमाना में एसीसी और राजबन में सीसीआई का सीमेंट संयंत्र है। इन दोनों की कुल उत्पादन क्षमता 1.66 करोड़ टन है।
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