देहरादून, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तराखंड कांग्रेस के नौ बागी विधायकों की सदस्यता समाप्त करने के विधानसभा अध्यक्ष के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर उत्तराखंड उच्च न्यायालय में अगली सुनवाई 23 अप्रैल को होगी।
न्यायालय ने दोनों पक्षों को शपथ पत्र दाखिल करने के आदेश दिए हैं। मंगलवार को भी नैनीताल उच्च न्यायालय में अपराह्न् दो बजे तक सुनवाई हुई, जिसके बाद सुनवाई की अगली तारीख 23 अप्रैल तय कर दी गई।
न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी की एकलपीठ के समक्ष यह सुनवाई चल रही है। बागी विधायकों की सदस्यता समाप्त करने के मामले की पैरवी अधिवक्ता आर्यमन सुंदरम, एल. नागेश्वर राव और दिनेश द्विवेदी कर रहे हैं।
बागियों द्वारा दाखिल याचिका में कहा गया है कि बागियों ने पार्टी नहीं छोड़ी थी, वे केवल सरकार के खिलाफ गए थे। याचिकाकर्ता की ओर से सर्वोच्च न्यायालय के कई निर्णयों का हवाला भी दिया गया है।
गौरतलब है कि बागी विधायक सुबोध उनियाल, शैलारानी रावत, उमेश शर्मा काऊ, कुंवर प्रणब सिंह चैंपियन, हरक सिंह रावत, अमृता रावत, शैलेंद्र मोहन सिंघल और प्रदीप बत्रा ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर 27 मार्च, 2016 को विधानसभा अध्यक्ष की ओर से सभी बागी विधायकों की सदस्यता समाप्त करने के आदेश को चुनौती दी थी।
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