मुंबई, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भारत की समृद्ध समुद्री विरासत को याद करते हुए कहा कि यह दुनिया के पहले बंदरगाह से शुरू होती है जो 2,500 ईसापूर्व गुजरात के लोथल में बना था।
मुंबई, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भारत की समृद्ध समुद्री विरासत को याद करते हुए कहा कि यह दुनिया के पहले बंदरगाह से शुरू होती है जो 2,500 ईसापूर्व गुजरात के लोथल में बना था।
मोदी ने लोथल का जिक्र करते हुए जो इसी नाम से अहमदाबाद जिले में आज भी मौजूद है, कहा, “इस बंदरगाह पर जहाजों का निर्माण और मरम्मत किया जाता था। इसे ज्वारीय प्रवाह का अध्ययन करने के बाद बनाया गया था।”
उन्होंने कहा कि लोथल के अलावा प्राचीन भारत में कई अन्य बंदरगाह थे जो 2000 साल पहले के वैश्विक समुद्री व्यापार के अहम कारक थे।
उन्होंने कहा कि प्राचीन भारतीय साहित्य के अलावा ग्रीक और रोमन साहित्य में भारत का रोम, ग्रीस, मिस्त्र और अरब देशों के साथ समुद्री व्यापार का उल्लेख मिलता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार डॉ. बी. आर. अंबेडकर जिनकी गुरुवार को 125वीं जयंती मनाई जा रही है, वे देश के जल और नदी परिवहन नीति के निर्माता थे।
उन्होंने कहा कि अंबेडकर ने दो महत्वपूर्ण संस्थान सेंट्रल वॉटरवेज, इरिगेशन एंड नेविगेशन कमिशन और सेंट्रल टेक्निकल पॉवर बोर्ड का निर्माण किया ताकि हमारे जल संसाधनों का सबसे अच्छा प्रबंधन हो सके और सिंचाई के अलावा भी अन्य उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल हो सके।
उन्होंने कहा, “अंबेडकर नई जलपरिवहन नीति पर जोर देते थे ताकि लाखों गरीबों के लिए समृद्धि लाने वाली शासन की आधारशिला रखी जा सके। मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि हमने बाबा साहेब के दृष्टि और दूरदर्शिता को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय जलमार्ग के विकास पर काम शुरू किया है।”
dharmpath.com dharmpath