नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। संसद के बजट सत्र के दूसरे हिस्से के तहत सोमवार को शुरू हुई कार्यवाही के पहले ही दिन उत्तराखंड को लेकर दोनों सदनों में हंगामा हुआ। राज्यसभा में विपक्षी सदस्य इस मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर सभापति के आसन तक पहुंच गए। भारी शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
राज्यसभा की कार्यवाही हंगामे के साथ शुरू हुई, जब सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने पर चर्चा की मांग की।
उन्होंने कहा, “विपक्ष के तौर पर हम चाहते हैं कि सदन की कार्यवाही चले और विधेयक पारित हों। लेकिन विगत कुछ दिनों में हमने देखा है कि किस प्रकार सदन की कार्यवाही बाधित करने के लिए माहौल बनाया गया। भारतीय राजनीति के इतिहास में पहली बार उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन नियमों की अनदेखी करते हुए लागू किया गया। हम इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हैं।”
इस पर सदन के नेता अरुण जेटली ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा तभी हो सकती है जब सदन में राष्ट्रपति शासन लगाने से संबंधित नियम पेश किए जाएं।
इसके बाद विपक्षी सदस्य सभापति के आसन के समक्ष पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे को देखते हुए सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
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