नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। देश में वित्त वर्ष 2015-16 के प्रथम 11 महीनों में रिकार्ड 51 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) हुआ। यह बात सरकार ने सोमवार को कही।
औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) के सचिव रमेश अभिषेक ने यहां बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) पर आयोजित एक सम्मेलन में कहा, “अप्रैल से फरवरी 2015-16 में देश में रिकार्ड 51 अरब डॉलर से अधिक का एफडीआई आया है, जो अब तक का सर्वाधिक है।”
सम्मेलन का आयोजन फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) ने किया था।
अभिषेक ने कहा कि एफडीआई के आंकड़े से पता चलता है कि सरकार ने ऐसा माहौल बनाया है, जिसमें विदेशी निवेशक अपने निवेश को सुरक्षित समझ रहे हैं।
उन्होंने कहा, “कई दशकों से हमारी प्रणाली के लिए अभिशाप बनी प्रणालीगत जटिलताओं को धीरे-धीरे कम किया जा रहा है। आम आदमी और कारोबार की सुविधा के लिए काफी कोशिश की जा रही है।”
उन्होंने कहा, “जीवन स्तर बेहतर करने और गरीबी मिटाने के लिए हमें तीन दशकों तक दहाई अंकों वाली विकास दर चाहिए, लेकिन इसके लिए निवेश, आईपीआर तथा अन्य मोर्चे पर काफी मेहनत करनी होगी।”
जनवरी 2016 में 12 महीने के ‘मूविंग एवरेज’ आधार पर देश में आया एफडीआई अब तक के रिकार्ड तीन अरब डॉलर पर पहुंच गया था।
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