संदीप पौराणिक
संदीप पौराणिक
सीहोर, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को समाज के हर वर्ग का साथ मिल रहा है, जो जहां है वहां रहते हुए इस अभियान का हिस्सा बनना चाह रहा है। इसी तरह का एक वाकया मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में सामने आया है।
यहां दुल्हन को हेलीकॉप्टर से लाने का सपना संजोने वाले परिवार को शौचालय का निर्माण करना पड़ रहा है, क्योंकि प्रशासन ने घर में शौचालय होने पर ही हेलीकॉप्टर से बारात ले जाने की अनुमति देने का निर्देश दिया है।
सीहोर जिले का गांव है अजमतनगर, इस गांव के सूरज सिंह गुर्जर के बेटे नेम सिंह गुर्जर की 27 अप्रैल को बारात पास के ही गांव महुआखेड़ा जाना है। सूरज सिंह अपनी बहू को हेलीकॉप्टर से लाना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने प्रशासन को आवेदन किया कि उन्हें हेलीकॉप्टर से बारात ले जाने की अनुमति दी जाए।
सूरज सिंह के आवेदन के आधार पर जब हेलीकॉप्टर की अनुमति से पहले प्रशासनिक अधिकारियों का एक दल भौतिक सत्यापन के लिए उनके घर पहुंचा।
दोराहा क्षेत्र के नायब तहसीलदार कुलदीप दुबे ने आईएएनएस को बताया कि जब उन्हें पता चला कि सूरज के घर में शौचालय ही नहीं है तो वे दंग रहे गए कि जो व्यक्ति हेलीकॉप्टर से दुल्हन लाने की बात कह रहा है, उसके घर में शौचालय तक नहीं है।
दुबे ने आगे बताया कि उन्होंने सूरज सिंह से कहा कि शौचालय बनने पर ही हेलीकॉप्टर से बारात ले जाने की अनुमति दी जाएगी। इस पर सूरज ने अपने घर में शौचालय का निर्माण शुरू करा दिया है, लिहाजा शौचालय बनने पर वे अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजेंगे।
उन्होंने बताया कि सूरज के परिवार की स्थिति ऐसी नहीं है कि वह घर में शौचालय न बना सके। सवाल उठता है कि जो व्यक्ति हेलीकॉप्टर से बारात ले जाने का खर्च वहन कर सकता हो, वह शौचालय तो बनवा ही सकता है। इसीलिए उस पर शौचालय बनवाने पर ही हेलीकॉप्टर से बारात ले जाने की अनुमति देने का दवाब डाला गया।
अजमतनगर गुर्जर बहुल ग्राम है, यहां की आबादी एक हजार है और लगभग 100 मकान है। यह पहला मौका होगा, जब किसी परिवार ने हेलीकॉप्टर से बारात ले जाने के लिए आवेदन दिया हो।
यह बताना लाजिमी होगा कि सूरज के परिवार का गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) का कार्ड बना हुआ है। हेलीकॉप्टर से बारात ले जाने का आवेदन आने के बाद प्रशासन ने उसके बीपीएल कार्ड की जांच भी शुरू करा दी है।
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