मुंबई, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। इस वर्ष रियो ओलम्पिक में भारतीय सद्भावना दूत के रूप में सलमान खान की नियुक्ती पर उठ रहे सवालों और आलोचनाओं के बीच अभिनेता के पिता और पटकथा लेखक सलीम खान उनके बचाव में आए हैं।
सलीम ने कहा कि सलमान की लोकप्रियता से युवा पीढ़ी को खेल जगत की ओर प्रेरित करने में मदद मिलेगी।
सलमान को शनिवार को भारतीय ओलम्पिक संघ (आईओए) द्वारा रियो ओलम्पिक के लिए भारत के सद्भावना दूत के रूप में नियुक्त किया गया।
ओलम्पिक पदक विजेता योगेश्वर दत्त, मिल्खा सिंह सहित खेल जगत के कई दिग्गजों ने इस फैसले की आलोचना की है।
टेलीविजन चैनल ‘टाइम्स नाउ’ के साथ एक साक्षात्कार के दौरान सलीम ने कहा, “समय के साथ भुला दिए गए कई दिग्गज खिलाड़ियों को फिल्मों के जरिए दुनिया की नजरों में लाया गया। कई लोगों ने इन फिल्मों के देखने के बाद यह जाना होगा कि ऐसे खिलाड़ियों के बारे में जानकारी न होना शर्म की बात है।”
सलीम ने आगे कहा, “सलमान एक लोकप्रिय हस्ती हैं, जब वह विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों और बच्चों से खेल से संबंधित बात करेंगे, तो निश्चित पर सभी उन्हें सुनेंगे।”
दिग्गज पटकथा लेखक ने कहा कि ‘बजरंगी भाईजान’ के अभिनेता को अपनी फिल्मों के प्रचार के लिए इस तरह के मंच की जरूरत नहीं है।
उन्होंने आगे कहा, “सलमान की फिल्में रिलीज होने से पहले ही लोकप्रिय हो जाती हैं। अगर उनकी फिल्में अच्छी होंगी, तो निश्चित तौर पर वह बिकेंगी और नहीं होंगी, तो कुछ फिल्मों की तरह असफल होंगी।”
सलीम ने कहा कि सलमान की फिल्में केवल उनके नाम के कारण ही नहीं, बल्कि फिल्म की पूरी टीम के प्रयास के कारण सफल होती हैं।
इससे पहले, फिल्मकार सुभाष घई अभिनेता के पक्ष में आए थे। उन्होंने कहा कि इस फैसले की आलोचना करने के बजाए लोगों को देश के युवाओं को प्रेरित करने के लिए उठाए गए इस कदम की सराहना करनी चाहिए।
dharmpath.com dharmpath