कमालगंज थाने के जीरागौर गांव निवासी शमीम अपनी पत्नी मसवरी और 19 वर्षीय विकलांग बेटी महरोज के साथ घर के आंगन में चारपाई पर सो रहे थे। घर की छत पर शमीम का बेटा हसीब व 17 वर्षीय राज के साथ-साथ उनके ही गांव का 55 वर्षीय अख्तर सो रहे थे।
अख्तर ने बताया कि सुबह होने पर वह उठे और जीने से नीचे आए। उन्होंने शमीम को चारपाई से नीचे गिरा पाया। जब उन्होंने पास जाकर देखा तो शमीम गंभीर हालत में सांसें गिन रहा था। उन्होंने छत पर सो रहे शमीम के बेटों को आवाज दी। जब बेटों ने आकर देखा तो शमीम गंभीर हालत में थे। उसकी पत्नी मसवरी भी अंतिम सांसें ले रही थी और महरोज की मौत हो चुकी थी।
पुलिस के मुताबिक, शमीम और उसकी पत्नी मसवरी को सीएचसी कमालगंज ले जाया गया, जहां मसबरी को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि शमीम को लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक रामभुवन चौरसिया, तहसीलदार सदर आर.पी. चौधरी, सीओ अमृतपुर कालूराम दोहरे, सीओ सिटी योगेश कुमार, सर्विलांस प्रभारी कुलदीप दीक्षित, स्वाट टीम प्रभारी ब्रजेश यादव, जहानगंज थानाध्यक्ष प्रदीप यादव व डॉग स्क्वायड भी मौके पर पंहुची।
बदमाशों ने शमीम के घर के पास ही कुछ जेवरात के खाली डिब्बे फेंक गए थे। खोजी कुत्ता आस्कर कुछ दूर जाने के बाद बैरंग लौट आया।
घर में डकैती डालने वाले बदमाशों ने पति-पत्नी और बेटी की हत्या करने का प्रयास किया। शमीम को मरा हुआ समझ कर छोड़ गए, लेकिन वह बच गया।
मना जा रहा है कि हमला करने वाले लोगों को शमीम ने पहचान लिया। इसके बाद बदमाशों ने हत्याकांड को अंजाम दिया।
अपर पुलिस अधीक्षक राम भुवन चौरसिया ने बताया कि अभी कितने की लूट हुई है, इसका पता नहीं चला है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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