कोलकाता, 8 मई (आईएएनएस)। राज्य भर में गूंजते उनके गीतों, कविताओं और अन्य रचनाओं के साथ पश्चिम बंगाल ने रविवार को नोबल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर की 155वीं जयंती मनाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
यहां उनके जन्मस्थल से लेकर वीरभूम जिले में शांति निकेतन तक बड़ी संख्या में लोग बहुमुखी प्रतिभा के धनी दिग्गज को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए उमड़े।
समाज के हर तबके से आए लोग उत्तरी कोलकाता में स्थित टैगोर के पैतृक निवास जोरासंको ठाकुरबाड़ी में उनका वह कमरा देखने के लिए सुबह से ही कतार में खड़े रहे, जहां वह पैदा हुए थे। लोगों ने एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी देखा जिसमें नामचीन गायकों, नर्तकों ने भाग लिया।
शांति निकेतन में तड़के प्रभात फेरी के साथ ही उत्सव शुरू हो गया, जहां 1921 में टैगोर ने विश्व भारती विश्वद्यिालय की स्थापन की थी।
विश्वद्यिालय के चारों ओर निकाली गई प्रभात फेरी में शिक्षकों, कर्मचारियों, युवाओं, बच्चों ने हिस्सा लिया।
बांग्ला कैलेंडर के मुताबिक, वैशाख 25 को जन्मे (7 मई 1861) टैगोर 1913 में पहले एशियाई नोबल पुरस्कार विजेता बने थे और साहित्य के लिए यह पुरस्कार जीतने वाले पहले गैर-यूरोपीय थे।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विभिन्न पार्टियों के नेताओं ने भी महान कवि को श्रद्धांजलि दी।
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