नई दिल्ली, 13 मई (आईएएनएस)। न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर, न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एल. नागेश्वर राव ने शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के रूप में शपथ ली।
इन नियुक्ति के बाद शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 29 हो गई है, जबकि दो पद अभी भी खाली हैं।
न्यायमूर्ति खानविलकर जबलपुर में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति, न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति और न्यायमूर्ति भूषण केरल उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति रह चुके हैं।
न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ देश के पूर्व प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति वाई.वी. चंद्रचूड़ के बेटे हैं, जिन्होंने 22 फरवरी, 1978 से 11 जुलाई, 1985 तक सेवाएं दीं।
न्यायमूर्ति खानविलकर और न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ के पद की शपथ लेने से महाराष्ट्र राज्य से न्यायाधीशों की संख्या पांच हो गई है। खानविलकर और चंद्रचूड़ दोनों ही महाराष्ट्र से हैं।
नये न्यायमूर्तियों की नियुक्ति एक साल से अधिक के अंतराल के बाद हुई है।
राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) अधिनियम और संवैधानिक संशोधन को चुनौती देने के कारण न्यायाधीशों की नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई थी। पद की शपथ लेने वाले आखिरी न्यायमूर्ति अमिताव रॉय हैं, जिन्होंने 27 फरवरी, 2015 को शपथ ली थी।
सर्वोच्च न्यायालय की संवैधानिक पीठ ने 16 अक्टूबर, 2016 को संवैधानिक संशोधन और एनजेएसी दोनों को रद्द कर दिया था।
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