तिरुवनंतपुरम, 15 मई (आईएएनएस)। केरल, सोमवार को नई विधानसभा चुनने के लिए तैयार है। ऐसे में राज्य में भाजपा-बीडीजेएस गठबंधन के प्रदर्शन पर पैनी नजर रखी जा रही है। क्योंकि, हो सकता है कि अंत में ऐसी नौबत आए कि यही गठबंधन इस बात का फैसला करे कि किस मोर्चे ने चुनावी जंग जीती है।
तिरुवनंतपुरम, 15 मई (आईएएनएस)। केरल, सोमवार को नई विधानसभा चुनने के लिए तैयार है। ऐसे में राज्य में भाजपा-बीडीजेएस गठबंधन के प्रदर्शन पर पैनी नजर रखी जा रही है। क्योंकि, हो सकता है कि अंत में ऐसी नौबत आए कि यही गठबंधन इस बात का फैसला करे कि किस मोर्चे ने चुनावी जंग जीती है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), हिन्दू एझवा नेता वेल्लापल्ली नटेसन की हाल में बनी राजनीतिक शाखा भारत धर्म जन सेना (बीडीजेएस) के साथ गठबंधन कर राज्य में चुनाव लड़ रही है।
राज्य की कुल 140 विधानसभा सीटों में भाजपा 98 और बीडीजेएस 37 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं।
माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने चुनाव में इस गठबंधन को एक भी सीट नहीं मिलने की भविष्यवाणी की है। लेकिन, साथ ही उन्होंने कांग्रेस और इस नए गठबंधन के बीच ‘मैच फिक्सिंग’ के संकेत भी दिए हैं।
केरल में अब तक भाजपा एक भी विधानसभा या लोकसभा सीट नहीं जीत पाई है। लेकिन, गत साल राज्य में हुए निकाय चुनावों में 2010 की तुलना में उसकी सीटों की संख्या दोगुनी हो गई थी। भाजपा को करीब 1100 सीटें मिली थीं। भाजपा को 14 प्रतिशत मत मिले थे।
2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 10.83 प्रतिशत मत मिले थे जबकि 2011 के विधानसभा चुनाव में उसे 6.03 प्रतिशत मिले थे।
गत विधानसभा चुनाव में भाजपा राज्य की 140 सीटों में से 139 पर चुनाव लड़ी थी और तीन विधानसभा क्षेत्रों में दूसरे स्थान पर रही थी। इन तीनों विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा के उम्मीदवारों को 40,000 से अधिक वोट मिले थे। अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा की स्थिति अच्छी नहीं रही थी।
2011 के विधानसभा चुनाव में 18 क्षेत्रों में भाजपा को 10,000 से 19,000 के बीच वोट मिले थे, जबकि दो विधानसभा क्षेत्रों 20,000 हजार मत मिले थे। शेष विधानसभा क्षेत्रों में उसके उम्मीदवारों को दस हजार से कम वोट मिले थे।
पलक्कड़ विधानसभा क्षेत्र में त्रिकोणी संघर्ष में फंसी भाजपा की महिला उम्मीदवार शोभा सुरेंद्रण ने आईएएनएस से कहा कि इस चुनाव में माकपा की सबसे बड़ी हार होगी।
बीडीजेएस हिन्दू एझवा समुदाय के समर्थन का दावा करती है। केरल में हिन्दुओं की जनसंख्या 1.82 करोड़ है, जिनमें 50 प्रतिशत एझवा समुदाय के लोग हैं।
पिछले सभी चुनावों में एझवा समुदाय के अधिकांश लोग वाम लोकतांत्रिक मोर्चा को वोट देते रहे हैं। यह परंपरा इस बार बदल सकती है, और इस वजह से कांग्रेसनीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा भी खुश है।
बीडीजेएस को कोल्लम, अलपुझा, पथानामथिट्टा, इडुक्की और कोट्टायम जिलों में अच्छी सफलता मिल सकती है।
बीडीजेएस की मदद से केरल में कमल खिलने को लेकर भाजपा आश्वस्त है।
dharmpath.com dharmpath