नई दिल्ली, 17 मई (आईएएनएस)। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद शांताराम नाईक ने अगस्तावेस्टलैंड हेलीकॉप्टर मामले में आरोप लगाने के लिए कथित तौर पर वेब आधारित सामग्री के इस्तेमाल पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी के खिलाफ मंगलवार को विशेषाधिकार हनन का नोटिस भेजा है।
नोटिस में नाईक ने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के खिलाफ स्वामी के कई आरोप दस्तावेजों के साथ प्रमाणित नहीं हैं और ये वेब आधारित सामग्री पर ही आधारित हैं।
नाईक ने कहा, “स्वामी ने क्रिश्चयन मिशेल (हेलीकॉप्टर सौदे में कथित बिचौलिया) के किसी पत्र को प्रमाणित नहीं कराया, क्योंकि उनके पास ऐसा कोई पत्र नहीं था। इसके अलावा (कांग्रेस अध्यक्ष) सोनिया गांधी के एमआई-8सी हेलीकॉप्टर में यात्रा करने का कोई सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि वह किसी आधिकारिक पद पर नहीं थीं।”
नाईक ने कहा, “स्वामी ने चार मई को (राज्यसभा में) जिन दस्तावेजों का जिक्र किया था, उपसभापति के आदेश के बावजूद उन्होंने वे दस्तावेज उसी दिन प्रमाणित नहीं किए। यहां तक कि स्वामी ने तथाकथित प्रमाणीकरण अनिच्छा से किया था, जो कि उनके भाषण से साफ जाहिर है।”
कांग्रेस सांसद ने कहा कि स्वामी ने वेबसाईट के एक पृष्ठ के प्रिंटआउट का प्रमाणीकरण किया है, जिसमें सोनिया गांधी, अहमद पटेल और ऑस्कर फर्नांडीस आदि के नाम हैं। इसका अर्थ यह है कि स्वामी ने इन आरोपों का समर्थन किया है।
नाईक ने कहा कि स्वामी ने किसी दस्तावेज के प्रमाणीकरण के बगैर केवल मौखिक संकेतों और प्रथमाक्षरों के आधार पर एक विशिष्ट व्यक्ति की ओर इशारा किया है।
नाईक ने कहा, “स्वामी ने (मिलान अदालत के) उस फैसले की प्रमाणित प्रति पेश नहीं की, जिस पर उन्होंने इतना भरोसा किया है। उन्हें इसकी प्रति पेश करनी चाहिए थी और उसका प्रमाणीकरण भी कराना चाहिए था। यह भी सदन के विशेषाधिकार का हनन है।”
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