भोपाल गैस त्रासदी : ‘डाओ’ को अदालत मंे लाने को अंतर्राष्ट्रीय अभियान शुरू

भोपाल, 17 मई (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश की राजधानी में 32 वर्ष पहले सन् 1984 में यूनियन कार्बाइड के संयंत्र से जहरीली गैस के रिसाव से हजारों लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार अमेरिकी कंपनी डाओ केमिकल्स के मालिक को भोपाल की अदालत में हाजिर कराने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया है।

अदालत 32 साल में बार बीसियों बार डाओ केमिकल्स को नोटिस जारी कर चुकी है, लेकिन कंपनी का कोई जिम्मेदार अधिकारी अदालत में हाजिर नहीं हो रहा है। पीड़ितों को न्याय दिलाने में न तो प्रदेश सरकार और न ही केंद्र सरकार रुचि दिखा रही है। आखिरकार अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है।

भोपाल गैस पीड़ितों की लड़ाई लड़ रहे पांच संगठनों के नेताओं ने मंगलवार को संवाददाताओं से चर्चा करते हुए बताया कि भोपाल की जिला अदालत ने डाओ केमिकल के मालिक को 13 जुलाई को तलब किया है। अदालती नोटिस तामील कराने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर अभियान शुरू किया गया है।

भोपाल ग्रुप फॉर इन्फार्मेशन एंड एक्शन की रचना ढींगरा ने बताया कि अमेरिका के वाइट हॉउस (राष्ट्रपति कार्यालय) की वेबसाइट पर भोपाल में इंसाफ के लिए अंतर्राष्ट्रीय मुहिम शुरू हुई है। नॉर्थ अमेरिका द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन में अमेरिकी न्याय मंत्रालय (डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस) से मांग की गई है कि वह भोपाल जिला अदालत से जारी नोटिस को तामील कराए, डाओ केमिकल्स के मालिक को हाजिर कराए।

संगठनों के अनुसार, अमेरिकी सरकार से इस ज्ञापन का औपचारिक जवाब हासिल करने के लिए 16 जून से पहले एक लाख व्यक्तियों के हस्ताक्षर जुटाने हैं।

उन्होंने कहा कि अब तक 3500 से ज्यादा लोगों ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। संगठनों के नेताओं ने कहा सोशल मीडिया पर छेड़े गए अभियान की वजह से डाओ केमिकल्स के सीईओ एंड्रू लिवेरिस को अपना ट्विटर अकाउंट ‘प्राइवेट’ करना पड़ा है।

संगठनों का मानना है कि भारत के गृह मंत्रालय द्वारा अब तक भेजे गए भोपाल जिला अदालत के चार नोटिसों को तामील न कराकर अमेरिकी न्याय मंत्रालय भारत और अमेरिका के बीच की 11 साल पुरानी म्यूच्युअल लीगल एसिस्टेंस ट्रीटी (पारस्परिक विधिक सहायता संधि) का उल्लंघन कर रहा है ।

संगठनों के नेताओं ने बताया कि ग्रीनपीस, पेस्टिसाइड एक्शन नेटवर्क और एमनेस्टी जैसे अमेरिकी पर्यावरण और मानव अधिकार संगठनों तथा एएफएल, सीआईओ जैसे राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन तथा अन्य संगठनों का समर्थन हासिल कर लिया गया है।

भोपाल गैस पीड़ितों के संगठनों के अनुसार, मशहूर अमेरिकी नागरिक इस ज्ञापन का समर्थन कर रहे हैं, जिनमें गैरी कोहेन (अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा 2013 में ‘बदलाव के चैंपियन’ के खिताब से सम्मानित), हॉलीवुड के मशहूर अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता मार्टिन शीन और एमआईटी के प्रोफेसर नोआम चोम्स्की शामिल हैं।

संगठनों ने उम्मीद जताई है कि इस ज्ञापन से बने दबाव की वजह से अमेरिकी न्याय मंत्रालय डाओ केमिकल्स पर नोटिस तामील कराएगा और उसे भोपाल अदालत में यह बताना होगा कि वह फरार कातिल यूनियन कार्बाइड को पनाह क्यों दे रही है।

उल्लेखनीय है कि दो-तीन दिसंबर,1984 की दरम्यानी रात को यूनियन कार्बाइड संयंत्र से रिसी जहरीली गैस से हजारों से लोग मारे गए थे, गैस की वजह से बीमार हुए लाखों लोगों में से मौत का सिलसिला 32 साल से जारी है। विकलांग पैदा हुए लोग घिसट-घिसट कर जी रहे हैं।

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