इंफाल, 18 मई (आईएएनएस)। मणिपुर और उसके नजदीकी राज्यों में मंगलवार रात हुई तेज बारिश के बाद बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ के कारण तमेंगलोंग जिले में इजेक नदी पर हाल ही में बना पुल बह गया।
40 लाख रुपये की लागत से बने बेले पुल का अभी औपचारिक उद्घाटन भी नहीं हुआ था।
भारी बारिश की वजह से कई चट़्टानें खिसक गई हैं, जिसके कारण तमेंगलोंग जिला राज्य के अन्य हिस्सों से कट गया है। पुल के ढह जाने के बाद यह और भी अलग-थलग हो गया है।
चट्टानों के खिसकने के कारण जिले में कई वाहन फंसे हुए हैं।
अधिकारियों ने कहा कि अगर बारिश लगातार जारी रही तो नागालैंड के रास्ते मणिपुर को असम से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-2 पर भी चट्टानें खिसक सकती हैं।
क्षतिग्रस्त हुए इंफाल-मोरेह ट्रांस एशियाई राजमार्ग की भी अभी ठीक से मरम्मत नहीं की गई है।
भारी क्षति की खबरों के बीच मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना जताई है।
सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के मुताबिक, “मणिपुर के घाटी वाले चार जिलों के सभी निचले इलाके बारिश के पानी से जलमग्न हैं। अधिकारी और अन्य कर्मचारी बारीकी से स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। बाढ़ नियंत्रण की व्यवस्था की गई है।
तमेंगलोंग जिले के अधिकारियों के मुताबिक, इजेक और इरिल नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
सभी जिलों के, खासतौर पर इंफाल शहर और इसके आसपास के निचले इलाके जलमग्न हैं। विष्णुपुर जिले से मिली खबरों के मुताबिक कई मछली पालन फार्म डूब चुके हैं और किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
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