मुंबई, 18 मई (आईएएनएस)। सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने बुधवार को मार्च 2016 में समाप्त गत वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 5,367.14 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया। जबकि एक साल पहले समान अवधि में बैंक को 306.56 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
बैंक ने बुरे ऋण के लिए प्रोविजनिंग करने के कारण इतना बड़ा घाटा दर्ज किया है और यह देश में किसी भी बैंक द्वारा दर्ज किया गया सबसे बड़ा तिमाही घाटा है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने सार्वजनिक क्षेत्र के वाणिज्यिक बैंकों को निर्देश दिया है कि बुरे ऋण के लिए वे अधिकाधिक राशि की प्रोविजनिंग करें।
बैंक ने आलोच्य तिमाही में 55,818 करोड़ रुपये का बुरा ऋण दर्ज किया है, जो एक तिमाही पहले 34,338 करोड़ रुपये था। बैंक द्वारा दिए गए कुल ऋण में गैर निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) का अनुपात 12.9 फीसदी है।
एंजल ब्रोकिंग के बैंकिंग खंड के वरिष्ठ इक्वि टी रिसर्च एनालिस्ट सिद्धार्थ पुरोहित ने आईएएनएस से कहा, “यह किसी भी बैंक द्वारा दर्ज की गई एनपीए में अब तक की सर्वाधिक वृद्धि है।”
उन्होंने कहा, “पीएनबी का आंकड़ा बाजार की उम्मीद से काफी नीचे है। चिंता की बात यह है कि बैंकों के बायलेंस शीट को स्वच्छ करने का काम पूरा नहीं हुआ है। हमारा मानना है कि यह वित्त वर्ष 2016-17 में भी जारी रहेगा।”
बैंक ने कहा कि इस दौरान उसकी कुल आय घटकर 13,276.19 करोड़ रुपये रह गई, जो एक साल पहले समान अवधि में 13,455.65 करोड़ रुपये थी।
2015-16 के पूरे वित्त वर्ष के लिए बैंक ने 3,974.39 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया है, जो एक साल पहले 3,061.58 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ था।
पूरे वित्त वर्ष के लिए बैंक की कुल आय बढ़कर 54,301.37 करोड़ रुपये दर्ज की गई, जो एक साल पहले 52,206.09 करोड़ रुपये थी।
बैंक के शेयर बंबई स्टॉक एक्सचेंज में 3.25 फीसदी तेजी के साथ 76.20 रुपये पर बंद हुए।
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