जबलपुर, 21 मई (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी नर्मदा नदी में बढ़ते प्रदूषण, अवैध खनन को रोकने के लिए चलाए जा रहे आंदोलन के क्रम में शनिवार को जबलपुर बंद रहा। इस बंद में तमाम आध्यात्मिक, सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।
नर्मदा मिशन के संस्थापक भैय्याजी सरकार द्वारा नर्मदा को बचाने, नर्मदा में अवैध खनन रोकने, नर्मदा परिक्रमा पथ को नशा मुक्त करने, नर्मदा में मिल रहे गंदे नालों पर रोक लगाने, नर्मदा जल शुद्धिकरण, संरक्षण, संवर्धन की योजना को क्रियान्वित करने के लिए चलाए जा रहे आंदोलन को शनिवार को हर वर्ग के समर्थन मिला और इसी के चलते जबलपुर पूरी तरह बंद रहा।
बंद को सफल बनाने के लिए सुबह से ही पूरे शहर में विभिन्न राजनीतिक संगठनों, आध्यात्मिक संगठनों, सामाजिक, सांस्कृतिक, मजदूर संगठनों, जन संगठनों, द्वारा अपने अपने क्षेत्र में पैदल एवं रैली के रूप में भ्रमण किया, जिसे अन्य लोगों का साथ मिला।
बंद के बाद हुई संकल्प महासभा में नर्मदा मिशन के संस्थापक भैय्याजी सरकार ने कहा, “हमारी जीवन रेखा हमारी मां रेवा है, जिसके पथ पर देश-दुनिया की अतिप्राचीन कला-संस्कृति, सभ्यताओं एवं अनेक परंपराओं ने जन्म लिया। आज यही नर्मदा संकट के दौर से गुजर रही है।”
सभा को कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष, पूर्व विधायक, लखन घनघोरिया, पाटन विधायक नीलेश अवस्थी, नगर कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश यादव, जनता दल-युनाइटेड के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद यादव, कांग्रेस नेत्री गीताशरत तिवारी, सम्मति सैनी, विश्वमोहन, भाकपा के रहीम शाह, नर्मदा संदेश के शैलेन्द्र सिंह ठाकुर, जनता दल-युनाइटेड के जिला अध्यक्ष रामरतन यादव व महिला कांग्रेस अध्यक्ष रेखा विनोद जैन ने संबोधित किया।
सभा का संचालन पार्षद राजेश यादव एवं आभार शिव यादव ने किया। इसके बाद राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को ज्ञापन सौंपा गया।
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