नीट के खिलाफ अध्यादेश का मप्र में विरोध

भोपाल, 22 मई (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के निजी चिकित्सा महाविद्यालयों में दाखिले में गड़बड़ी के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाली संस्था ने नीट (एकल संयुक्त प्रवेश परीक्षा) आयोजित करने के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश का विरोध किया है।

संस्था ने व्यापम घोटाले का जिक्र करते हुए निजी महाविद्यालयों से नेताओं के रिश्तों की जांच की मांग भी की है।

सोसायटी फॉर एजुकेशन डेमोक्रेसी के प्रतिनिधि अभय चोपड़ा ने यहां रविवार को एक बयान जारी कर कहा कि मध्यप्रदेश में हुए व्यापमं घोटाला से ये बातें उजागर हुई थीं कि उत्तर प्रदेश का एक गिरोह विभिन्न राज्यों की मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में ‘मुन्ना भाई’ बनकर सम्मिलित होता था और कई अयोग्य छात्रों को इस परीक्षा में पास करा देता था।

उन्होंने कहा कि प्राइवेट मेडिकल कॉलेज भी प्रति छात्र 60 लाख रुपये लेकर स्नातक पाठ्यक्रम में दाखिला देते थे। इस गोरखधंधे को बंद कराने के लिए ही सर्वोच्च न्यायालय ने पूरे देश में की एक ही परीक्षा कराए जाने के आदेश दिए हैं। इससे सीटों के सौदेबाजी पर रोक लग जाती, लेकिन केंद्र सरकार ने अध्यादेश लाकर एक तरह से इस सौदेबाजी को जारी रखने की मंजूरी दे दी है।

चोपड़ा ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का आदेश अगर लागू हो जाता तो मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की सौदाबाजी करने वाले ऐसे गिरोहों का सफाया भी हो जाता, लेकिन अफसोस कि नरेंद्र मोदी सरकार को यह मंजूर नहीं है।

उन्होंने कहा कि पूरे देश में कई निजी चिकित्सा महाविद्यालयों में कई प्रभावशाली नेताओं की हिस्सेदारी और स्वामित्व हैं। इन लोगों ने केंद्र सरकार पर दबाव डालकर नीट के खिलाफ अध्यादेश पारित कराया, ताकि वे अग्रिम सौदा पूरा कर सकें।

अध्यादेश में राज्यों को इस साल मेडिकल प्रवेश परीक्षा अपने स्तर से कराने की इजाजत दी गई है। इससे सिर्फ मध्यप्रदेश ही नहीं, कई राज्यों में ‘व्यापम घोटाला’ होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

सोसायटी फॉर एजुकेशन डेमोक्रेसी ने केंद्र सरकार से इस अध्यादेश को वापस लेने और नेताओं के निजी चिकित्सा महाविद्यालयों से संबंध की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

अभय चोपड़ा ने सुझाव दिया है कि अगर सारे प्रदेशों में अलग-अलग प्रवेश परीक्षा होती है तो सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उसकी एक ही तिथि निर्धारित की जाए और प्रश्नपत्रों की गोपनीयता की अभेद्य प्रणाली विकसित की जाए, ताकि किसी मेडिकल दाखिला माफिया के हाथ में प्रश्नपत्र न पहुंचे और प्रतिभाशाली छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493