श्रीनगर, 23 मई (आईएएनएस)। श्रीनगर में सोमवार को हुए दो अलग-अलग आतंकवादी हमलों में तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। तीन साल बाद ऐसा हमला हुआ है।
पुलिस सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि मोटरसाइकल पर सवार दो हमलावरों ने श्रीनगर में दो ‘निहत्थे’ पुलिसकर्मियों पर बिल्कुल नजदीक से गोलीबारी की।
सूत्रों ने कहा कि पुलिसकर्मी शहर के मध्य लाल चौक से कुछ 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित जादीबल इलाके के नजदीक एक भीड़भाड़ वाले चौराहे पर यातायात का संचालन कर रहे थे।
सूत्रों ने बताया कि सहायक उपनिरीक्षक नजीर अहमद और हवलदार बशीर अहमद के सिर पर गोली लगी थी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि महज एक घंटे बाद ही आतंकवादियों ने शहर के मध्य से लगभग पांच किलोमीटर दूर तेंगपोरा इलाके में एक और पुलिसकर्मी की जान ले ली और उसकी रायफल छीन कर भाग गए।
अधिकारी ने बताया कि एक अज्ञात राजनेता की रक्षा के लिए तैनात पुलिसकर्मी गोलियों से गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन ने दोनों हमलों की जिम्मेदारी ली है। ऐसे हमले तीन साल बाद हुए हैं। तीन साल पहले 22 जून, 2013 को लाल चौक के नजदीक शहर के मुख्य बाजार में भीड़भाड़ वाली हरि सिंह हाई स्ट्रीट मार्केट में आतंकवादियों ने दो पुलिसकर्मियों की जान ले ली थी।
हिजबुल मुजाहिदीन के प्रवक्ता बुरहानुद्दीन ने एक स्थानीय समाचार एजेंसी को फोन करके कहा कि सोमवार के हमलों को संगठन ने अंजाम दिया है।
पिछले महीने महबूबा मुफ्ती की अगुवाई में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की गठबंधन सरकार के सत्ता में आने के बाद यह पहला बड़ा हमला है।
सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि उनके पास खुफिया जानकारी है कि कश्मीर घाटी में गर्मियों के महीनों में सीमा पार से घुसपैठ का प्रयास बढ़ने के मद्देनजर आतंकवादी श्रीनगर पर हमला करने की साजिश रच रहे हैं।
जीओसी 15 कॉर्प्स के सतीश दुआ ने यहां मीडिया से कहा, “सेना, पुलिस और अन्य एजेंसियां पूरी तरह तैयार हैं। हम इन आतंकवादियों को सफल नहीं होने देंगे।”
दुआ ने पुलिसकर्मियों की मौत को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया और आश्वासन दिया कि ‘सेना, पुलिस और अन्य एजेंसियां ऐसे खतरों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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