चेन्नई, 1 जून (आईएएनएस)। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) नए सिरे से पार्टी के पुनर्गठन पर विचार कर रही है। साथ ही पार्टी में जनसंपर्क की रणनीति में भी बदलाव का निर्णय लिया गया है। आगामी संसदीय चुनाव तक ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) तथा द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) से दूरी बनाए रखने की भी पार्टी की योजना है।
सांसद और पार्टी की युवा इकाई के अध्यक्ष अंबुमणि रामदॉस ने आईएएनएस से कहा, “हमने जमीनी स्तर पर पार्टी के पुनर्गठन का फैसला किया है, जिसमें ठीक से काम न करने वालों को हटाया जाएगा और अधिक युवाओं को शामिल किया जाएगा। हमारे आकलन के अनुसार, विधानसभा चुनाव में हमें वोट देने वाले बहुत से लोगों की उम्र 40 साल से कम है।”
पूर्व केंद्रीय मंत्री रामदॉस ने कहा कि पार्टी के पुनर्गठन में महिलाओं को जमीनी स्तर पर अधिक महत्वपूर्ण पद दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा, “प्रौद्योगिकी की मदद से पार्टी की नीतियों को जमीनी स्तर के नेताओं तक पहुंचाया जाएगा। मैं खुद भी उनसे संपर्क में रहूंगा।”
उन्होंने हालांकि पार्टी में शीर्ष स्तर पर पदानुक्रम में किसी तरह के बदलाव से इनकार किया।
पीएमके नेता के अनुसार, “हमारी जनसंपर्क की रणनीति नीचे से ऊपर की होगी। हम अपनी नीतियों से समाज के गरीब तबके को हुए लाभ को सामान्य तरीके से बताएंगे।”
रामदॉस ने कहा कि अब उनका पूरा ध्यान राष्ट्रीय मुद्दों पर होगा और वह राष्ट्रीय शराब नीति बनाने तथा तमिलनाडु से संबंधित मुद्दों को उठाते रहेंगे। उन्होंने कृषि प्रौद्योगिकी तथा इस क्षेत्र से संबंधित अन्य मुद्दों को भी उठाने की बात कही।
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